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पानी की ज्यादा किल्लत हुई तो टीकमगढ़ बुझाएगा छतरपुर की प्यास

- मतदान दिवस 6 मई के बाद शहर में शुरू होगी टैंकरों से जल सप्लाई

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Polling day will start in the city after 6th May water supply from tankers

Chhatarpur

छतरपुर। गर्मी के बढ़ते ही शहर में पानी का संकट बढऩे लगा है। गर्मियों में पानी की खपत बढऩे और जल स्तर नीचे चले जाने के कारण जलसंकट पैदा होने लगा है। ऐसे में आने वाले दिनों में शहर के लोगों को गंभीर समस्या से जुझना पड़ता, लेकिन नगरपालिका ने वैकल्पिक व्यवस्था कर ली है। लिहाजा लोगों को पिछले साल की तरह जलसंकट से नहीं जूझना पड़ेगा। ज्यादा किल्लत होने पर पड़ोसी जिले टीकमगढ़ से पानी लेकर नगरपालिका शहर के लोगों की प्यास बुझाएगी।
शहर के अनेक हिस्सों में भीषण जल संकट की आहट शुरू हो गई है। आधे से ज्यादा हैण्डपंप दम तोड़ चुके हैं। यदि सूरज की तपन और बढ़ी तो मई के महीने में जल संकट रौद्र रुप धारण कर सकता है। छतरपुर के 40 वार्डों में रहने वाले दो लाख लोगों के पेयजल का इंतजाम करने के लिए फिलहाल धसान नदी, बूढ़ा बांध और खौफ तालाब से पानी सप्लाई किया जा रहा है। आने वाली गर्मी के दिनों में अगर इन जल स्त्रोतों का पानी भी खत्म हो गया तो नगरपालिका को इस बार पानी के इंतजाम के लिए अतिरिक्त श्रम नहीं करपा पड़ेगा। टीकमगढ़ जिले में बने बान-सुजारा बांध से धसान नदी में पानी छुड़वाया जाएगा, ताकि शहर के लोगों की प्यास बुझाई जा सके।
फिलहाल छतरपुर के 40 वार्डों तक पानी पहुुचाने के लिऐ नगर पालिका एक दिन छोड़कर सप्लाई दे रही है। नगर पालिका जलप्रभारी पीडी तिवारी ने बताया कि प्रतिदिन पाइप लाइन के जरिए लोगों के घरों तक पानी सप्लाई किया जा रहा है, उससे शहर का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा कबर होता है। इस आबादी को एक दिन छोड़ कर एक दिन पानी दिया जा रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष अर्चना सिंह के मुताबिक शहर में लगे 1800 हैंडपंप में से फिलहाल 1680 हैंडपंप चालू हालत में हैं। नगर पालिका भीषण जल संकट से निपटने के लिए पूर्व तैयारियों में जुटी है। 6 मई के बाद चुनाव होते ही जल अभाव ग्रस्त क्षेत्रों में टैंकरों से पानी की सप्लाई की जाएगी। चार दिन पूर्व पानी की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए कलेक्टर मोहित बुंदस भी पचेर घाट का दौरा कर चुके हैं।
चुनाव बाद चलेंगे पानी के टैंकर :
नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि 6 मई तक चुनावी व्यवस्थाओं के कारण प्रशासनिक अमला व्यस्त है वहीं दूसरी ओर अभी जिन जलश्रोतों से शहर के लोगों को पानी पहुंच रहा है उनमें पर्याप्त पानी मौजूद है। 6 मई के बाद शहर के 40 वार्डों के लिए फिलहाल 20 टैंकर तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा आकस्मिक स्थितियों में पानी पहुुंचाने के लिए 5 अतिरिक्त टैंकर भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि फिर भी यदि पानी की समस्या हुई तो टैंकर ठेकेदारों से पानी खरीद कर जनता को पिलाया जाएगा। वर्तमान में इन टैंकरों को भरने के लिए नगर पालिका के 3 प्वाइंट चालू हालत में हैं। मोटे के महावीर मंदिर के पास, रानी तलैया एवं प्रताप सागर तालाब चौपाटी के प्वाइंटों से हर दिन पानी के टैंकर भरे जाएंंगे।
इन इलाकों में शुरू हुई पानी की किल्लत :
अप्रैल का महीना आधा गुजरते ही जलसंकट अपना असर दिखाने लगा है। घरों में मौजूद निजी बोर एवं सार्वजनिक हैण्डपंप के सूख जाने के कारण वार्डों में पानी की समस्या शुरू हो गई है। पानी की सर्वाधिक किल्लत शहर के संकट मोचन मार्ग, जानराय टौरिया, हाउसिंग बोर्ड, नया मोहल्ला, बसारी गेट, शांतिनगर कालौनी, विश्वनाथ कालौनी, शुक्सलाना मोहल्ला सहित कई इलाकों में पानी का संकट शुरू हो गया है। नगर पालिका ने पिछले साल इन इलाकों में पानी की बड़ी प्लास्टिक टंकिया रखवाई थी जिनसे लोगों को कुछ राहत मिल रही है।
फैक्ट फाईल :
शहर वार्ड - 40
जनसंख्या - लगभग 2 लाख
मुख्य जल श्रोत - बुढा बांध, धसान, खौप ताल
वैकल्पिक स्त्रोत - बान-सुजारा बांध
जल सप्लाई - एक दिन छोड़कर
कुल हैण्डपंप - 1800