पांच साल पहले मिली सौगात, दो साल का काम पांच साल में भी पूरा नही13 करोड़ की नलजल योजना से 3 हजार से ज्यादा घरों में पहुंचना था नल से पानी
छतरपुर. कई दशकों से पानी की समस्या से जूझ रहे बकस्वाहा के लोगों की पानी की समस्या दूर होती नजर नहीं आ रही। पेयजल संकट हल करने के लिए पूर्व में कई योजनाएं भी बनी लेकिन इन योजनाओं ने बकस्वाहा के लोगों के कंठ तर नहीं किए। सर्दियां शुरू होते ही जल संकट भी सामने आ गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 5 साल पहले बक्सवाहा को पेयजल योजना की सौगात दी थी जिसके माध्यम से हर घर पर्याप्त जल पहुंचना था। 3 साल पहले शुरू की जाने वाली योजना निर्माण कंपनी की लापरवाही के कारण अब तक पूरी नहीं हो सकी। 3185 घरों को पानी पहुंचाने वाली योजना अभी खटाई में पड़ी है।
13.54 करोड़ में स्वीकृत हुई थी नल जल योजना
5 वर्ष पहले नगर को भीषण पेयजल संकट को उबारने के लिए 13 करोड़ 54 लाख 45895 रुपए की नल जल योजना स्वीकृत हुई थी। जिस निर्माण कंपनी को यह योजना तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई उसकी कार्यशैली को लेकर शुरू से ही विवाद में रही है। नगर के 15 वार्डों में बिछाई गई नल जल योजना से 14 करोड़ की सीसी सड़कें खोद डाली गई। 5 साल बीतने के बावजूद न तो सड़क दुरुस्त हुई और ना ही नल जल योजना का लाभ मिला। मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति की गई है। अभी सर्दियों का मौसम शुरू हुआ है लेकिन नगर के लोग भीषण पेयजल संकट से जूझने लगे हैं।
इनका कहना है
बक्सवाहा में जल आपूर्ति इसलिए नहीं हो पा रही क्योंकि 38 साल पहले मुख्य लाइन बिछाई गई थी काफी पुरानी लाइन होने के कारण बार-बार लीक कर रही है। मुख्यमंत्री जल आपूर्ति योजना जल्द चालू करने के लिए पत्र लिखा गया है।
श्यामसुंदर तिवारी, सीएमओ बकस्वाहा
हमारा काम लगभग पूर्ण हो गया है। मार्च 2023 तक हर घर में पानी पहुंच जाएगा। यह बात सही है कि नगर में जल संकट है अभी टेस्टिंग का काम चालू करेंगे।
पुष्पेंद्र पटेल. इंजीनियर