- अब राष्ट्रीय मूल्यांकन की हो रही तैयारी, भोपाल से हर दिन अधिकारी दे रहे मार्गदर्शन
छिंदवाड़ा/ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत गायनिक विभाग को अपग्रेड करने के उद्देश्य से संचालित मिशन लक्ष्य योजना के तहत राज्यस्तरीय मूल्यांकन में जिला अस्पताल को 90 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए है, जिससे राज्यस्तरीय परीक्षण में जिले को सफलता मिल गई हैं तथा अब दिल्ली से होने वाली राष्ट्रस्तरीय मूल्यांकन की तैयारी की जा रही है। इस संदर्भ में शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल की डायरेक्टर ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से चिकित्सा अधिकारी जिले के नोडल, डॉक्टर, नर्स समेत सम्बंधितों को मार्गदर्शन दिया और सामने आ रही कमियों को सुधारने के निर्देश दिए है।
चिकित्सा अधिकारियों द्वारा दावा किया जा रहा है कि करीब 10 फीसदी कमियों को अगले दस से बारह दिनों में पूरा करना है। प्रदेश के अन्य जिलोंं में हुए असेसमेंट (मूल्यांकन) में मातृ-शिशु मृत्यु दर की स्थिति, निर्माण कार्य, मरीजों के परिवहन की व्यवस्था, ऑक्सीजन सुविधाएं, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन आदि बिंदुओं पर वर्चुअल असेसमेंट किया जा रहा है। वीडियो कॉफ्रेंसिंग में सिविल सर्जन डॉ. पी. कौर गोगिया, आरएमओ डॉ. सुशील दुबे, डॉ. कंचन दुबे, डॉ. शोभा मोइत्रा, स्वर्णलता यादव समेत अन्य शामिल थे।
जिला प्रशासन से मांगी जाएगी मदद -
मिशन लक्ष्य के तहत राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि पाने के लिए जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में संचालित गायनिक विभाग रास्त का रोढ़ा बन सकती है। इसकी वजह नवीन बिल्डिंग में गायनिक विभाग का ऑपरेशनन थिएटर संचालित नहीं होना बताया जाता है। इस संदर्भ में आरएमओ डॉ. दुबे ने बताया कि गायनिक ओटी समेत अन्य कई तरह के निर्मार्ण कार्यों को पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन से विभागीय अमला मिलेगा।
उपलब्धि पर यह होंगे फायदें -
1. राष्ट्रीय स्तर पर छिंदवाड़ा का नाम होगा और सर्टिफिकेट भी मिलेगा।
2. पुरस्कार राशि से कई आधुनिक उपकरण खरीदे जा सकेंगे, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार मिलेगा।
3. मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी
4. रैफरल संख्या में कमी से जज्जा-बच्चा की जोखिम भी कम हो जाएगी।
5. डेथ दर कम करने के लिए शासन से आर्थिक मदद मिलेगी।
यह हैं गायनिक विभाग की स्थिति -
1. जिला अस्पताल में माह जनवरी से दिसम्बर 2020 तक भर्ती मरीजों की संख्या - 12554
2. गायनिक विभाग में कुल सामान्य प्रसव की संख्या - 7263
3. गायनिक विभाग में कुल सीजर डिलेवरी संख्या - 3061
4. एक वर्ष में उपचार के दौरान प्रसूताओं की मौत संख्या - 17
5. उच्चस्तरीय उपचार के लिए छिंदवाड़ा से रैफर किए गए प्रकरण संख्या - 126