Pahalgam terror attack: मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 26 भारतीय पर्यटकों की अचानक हमला कर हत्या कर दी। इस आतंकी हमले में छिंदवाड़ा के नवीन पटेल किसी तरह बचकर घर आए और उस खौफनाक मंजर की कहानी बताई।
Pahalgam terror attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में छिंदवाड़ा के नवीन पटेल फंस गए थे। वे एकमात्र ऐसे गवाह रहे, जिन्होंने आतंकियों को पर्यटकों पर गोलियां चलाते देखा। वे खुद मुश्किल से बचकर निकले। उनके गांव में जब यह सूचना पहुंची, तो परिजनों और शुभचिंतकों ने ईश्वर को धन्यवाद दिया।
जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर सिवनी रोड पर ग्राम बांका नागनपुर के रहने वाले किसान और कांग्रेस नेता नवीन पटेल अपने दोस्त के साथ जमू कश्मीर की वादियों में घूमने गए थे। उन्हें नहीं पता था कि उनके सामने ही आतंकी हमला हो जाएगा। पहलगाम की वादियां देख रहे थे कि अचानक आतंकियों ने आकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाना शुरू कर दी।
नवीन ने बताया कि जब लोगों की चीख-पुकार और भागदौड़ की आवाजें सुनाई दी, तब उन्हें समझ में आया कि यह एक आतंकी हमला है। जान बचाने के लिए भागते समय उन्होंने अपने मोबाइल फोन से सेल्फी मोड में एक वीडियो रेकॉर्ड किया, जिसमें वे परमेश्वर का धन्यवाद करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में उन्होंने कहा कि अब उनकी जान की रक्षा केवल परमेश्वर ही कर सकते हैं।
इस घटनाक्रम से नवीन और दूसरे लोग सहम गए थे। उन्हें सेना ने अपनी सुरक्षा में लेते हुए वहां से सुरक्षित निकाला। उन्हें जम्मू के लिए मंगलवार रात में ही रवाना कर दिया। नवीन ने अपने परिजनों को बताया कि वे सभी लोग सुरक्षित हैं और जम्मू के लिए निकल चुके हैं। वहां से फिर दिल्ली पहुंचेंगे। दिन भर उनके आने का इंतजार रहा। दोपहर बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ रहा।
चौरई ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष तीरथ ठाकुर और चौरई विधायक सुजीत सिंह चौधरी नवीन पटेल के बांका नागनपुर स्थित निवास पर पहुंचे और उनके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उनसे घटनाक्रम की जानकारी ली। तीरथ ठाकुर ने बताया कि नवीन पटेल सुबह से दोपहर के समय मिलिट्री कैप में थे। उसके बाद मोबाइल बंद होने से जानकारी नहीं मिल सकी।