3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फीकी चमक का गेहूं बाजार में 2 हजार रुपए, फिर भी नहीं हो रही समर्थन मूल्य खरीदी

जिले में 84 खरीदी केन्द्रों में गेहूं लाने किसानों से बातचीत भी नहीं कर रहे अधिकारी-कर्मचारी

2 min read
Google source verification
gehu_fasal.jpg

अप्रैल में ही 5 लाख टन से अधिक गेहूं का निर्यात

छिंदवाड़ा.बारिश से प्रभावित फीकी चमक का गेहूं बाजार में औसत 2 हजार रुपए प्रति क्विंटल के भाव से बिक रहा है, फिर भी जिले में बनाए गए 84 खरीदी केन्द्र समर्थन मूल्य 2125 रुपए प्रति क्विंटल में उसे उठा नहीं पा रहे हैं। इस बारे में किसानों से बातचीत भी नहीं की जा रही है।
इस वर्ष जिले भर के 34249 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसके लिए 84 खरीदी केन्द्र भी बनाए गए हैं। शासकीय प्रक्रिया यह है कि किसानों को गेहूं बेचने के लिए समितियों में स्लॉट बुकिंग कराना होगा। बाजार में ऊंची कीमत की खबर से अधिकांश किसान सरकारी खरीदी में रुचि नहीं ले रहे हैं। वे बारिश से प्रभावित फीकी चमक का गेहूं लेकर सीधे कृषि उपज मण्डी में पहुंच रहे हैं। इस दौरान नीलामी के दौरान उनका गेहूं फीकी चमक का होने से व्यापारी उसका भाव 1950-2000 रुपए तक दे देते हैं। मजबूरी में किसान उसे वहीं छोडकऱ जैसे-तैसे भाव में देकर चला आता है।
केवल अच्छी क्वालिटी के गेहूं को 2300-2400 रुपए का भाव मिल पा रहा है। यह मात्रा अपेक्षाकृत कम है। इस बारे में किसानों के बीच कोई जागरुकता भी नहीं फैलाई जा रही है। अधिकारी-कर्मचारी सरकारी ढर्रे पर काम करने के आदी है तो सोसाइटी कर्मचारी भी किसानों को गेहूं की खरीदी जानेवाली क्वालिटी के बारे में बताने तैयार नहीं है। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है तो वहीं सरकारी कोटा में भी अनाज नहीं आ पा रहा है।
.....
बारिश से प्रभावित गेहूं को दी थी छूट
कुछ दिनों पहले सरकार की ओर से बारिश से प्रभावित गेहूं को सरकारी खरीद में लेने की घोषणा की गई थी। इस बारे में कोई अधिकारिक जानकारी नहीं आई है। छिंदवाड़ा में ऐसे किसान है, जिनका गेहूं की चमक बारिश से फीकी पड़ी है।
......
दो समितियों में आया 113 क्विंटल
खाद्य आपूर्ति विभाग के रिकार्ड के अनुसार पिछले छह दिन में केवल पचगांव और खुनाझिर समिति में 113 क्विंटल गेहूं आया। खाद्य आपूर्ति अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि गेहूं की आवक बढऩे पर सरकारी कोटा को भी अनाज मिल जाएगा। इसके लिए प्रयास नहीं हो पा रहे हैं। समितियों में बारदाने की कमी बनी हुई है। खरीदी केन्द्रों में ताले लगे हंै।
किसानों से गेहूं के भाव के बारे में बातचीत नहीं की जा रही है। सोसाइटी में सर्वर और स्लॉट बुकिंग की समस्या अलग बरकरार है।
.....
गेहूं खरीदी के इंतजाम फेल: सक्सेना
जिला पंचायत अध्यक्ष अमित सक्सेना का कहना है कि जिले में गेहूं खरीदी केन्द्र बना दिए गए हैं। उनमें ताला लटका हुआ है। गेहूं खरीदी के लिए बारदाने नहीं हैं। बारिश से प्रभावित गेहूं की क्वालिटी लेने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। मजबूरी में किसान मण्डी में कम भाव पर गेहूं बेचने मजबूर है। इससे पूरा सरकारी सिस्टम फेल नजर आता है। इसको लेकर कांग्रेस जल्द आंदोलन करेगी।
....

Story Loader