पांढुर्ना. विकास खंड में गर्मी से पहले ही पांच जलाशय सूख चुके है और 11 में नाममात्र का पानी बचा है। शहर को पेयजल आपूर्ति के लिए बनाए गए जुनेवानी जलाशय में पर्याप्त जल भंडार है। यह 54 प्रतिशत भरा हुआ है जो गर्मियों में पेयजल के लिए पर्याप्त है।
छिन्दवाड़ा/ पांढुर्ना. विकास खंड में गर्मी से पहले ही पांच जलाशय सूख चुके है और 11 में नाममात्र का पानी बचा है। शहर को पेयजल आपूर्ति के लिए बनाए गए जुनेवानी जलाशय में पर्याप्त जल भंडार है। यह 54 प्रतिशत भरा हुआ है जो गर्मियों में पेयजल के लिए पर्याप्त है। इस साल जुनेवानी से नगर पालिका ने मात्र एक महिने ही पानी लिया जबकि नंदेवानी से लगातार जलापूर्ति हो रही है।इसी तरह मोही जलाशय में 45 प्रतिशत पानी बचा हुआ है। इन दोनों के अलावा सभी जलाशयों में नाममात्र का पानी है। ढोलनखापा, गुजरखेड़ी, जाटलापुर, रिंगनखापा जलाशय में पानी खत्म हो चुका है। गेट के नीचे जानवरों के पीने के लिए पानी जरूर है। भाजीपानी जलाशय में एक, भंदारगोंदी में तीन, बिछुआ में 4,सेंदुरजना में 6, चांगोबा में 9, घुडऩखापा में 7, पिठेर में 5, जामलापानी में 7, मोरडोंगरी में 9, पेंढोनी में 9, सिवनी में 9, खैरीपेका में 10, टेमनी में 10, मंाडवी में 11, हिवरासेनडवार में 13,उत्तमडेरा में 15, मोहखेड़ी में 16 और डोलनाला जलाशय में 19 प्रतिशत पानी रह गया है।