
Good Initiative: Removal of employment concerns of migrants
छिंदवाड़ा/ महाराष्ट्र, तेलंगाना समेत अलग-अलग राज्यों से लौटे मजदूरों के मन में रोजगार की चिंता प्रशासन ने दूर कर दी है। 14 दिन का क्वॉरंटीन समय पूरा करते ही उनके मनरेगा में तुरंत जॉब कार्ड बनवाए और उन्हें निर्माण कार्य की मजदूरी से जोड़ा। इससे जिले में मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों की संख्या एक लाख पार कर गई है। जिला पंचायत द्वारा 12.68 करोड़ रुपए का भुगतान भी कर दिया गया है।
जिला पंचायत की जानकारी के मुताबिक जैसे-जैसे प्रवासी मजदूर तामिया, जुन्नारदेव, बिछुआ समेत अन्य विकासखंडों के गांवों में वापस लौट रहे हैं, उन्हें सबसे पहले 14 दिन का क्वॉरंटीन घर में ही करने की सलाह दी जा रही है। इस दौरान उनके नाम-पते के आधार पर पहले से मनरेगा में जॉब कार्ड है तो सीधे काम उपलब्ध कराया जा रहा है। जिन मजदूरों के नाम बाहर रहने के कारण मनरेगा सूची में नहीं हैं, उनके अब तक 27 सौ जॉब कार्ड बनाए गए हैं।
जिला पंचायत सीइओ गजेंद्र सिंह नागेश ने बताया कि प्रशासन घर लौटते मजदूरों के मन में रोजगार की चिंता दूर करने प्रयासरत है, इसलिए उनके क्वॉरंटीन समय बीतने पर तत्काल उन्हें मनरेगा के काम से जोड़ा जा रहा है। इससे वे स्थानीय स्तर पर आर्थिक रूप से तंगहाल नहीं रहेंगे। उनके मुताबिक मनरेगा में इस समय 1.08 लाख मजदूर कार्यरत हैं। उन्हें 12.68 करोड़ रुपए मजदूरी का भुगतान किया गया है। इससे मजदूर कोरोना संकटकाल में भी खुशहाल रहेंगे।
तेलंगाना के बाद महाराष्ट्र से आए सर्वाधिक मजदूर
तेलंगाना के बाद महाराष्ट्र से इस समय प्रवासी मजदूरों की सर्वाधिक आमद दर्ज हो रही है। ये लोग तामिया, जुन्नारदेव, हर्रई, अमरवाड़ा और बिछुआ से फसल काटने या फिर निर्माण की मजदूरी करने गए थे।
जानकारी के अनुसार जिले में 27 अप्रैल से 14 मई तक 13 राज्यों से एक हजार 658 प्रवासी मजदूर वापस आ चुके हैं। इसमें 767 बस से, 745 ट्रेन से और 146 अन्य साधनों से आए प्रवासी मजदूर शामिल हैं।
श्रमिक ट्रांजिट सेंटर के सहायक नोडल अधिकारी ने बताया कि तेलगांना राज्य से 608, महाराष्ट्र से 610, राजस्थान से 14, गुजरात से 305, आंध्रप्रदेश से 10, केरल से 81, छत्तीसगढ़ से 7, तमिलनाडु व हरियाणा से एक-एक, बिहार से 3, पंजाब से 10, कर्नाटक से 16 और ओडिशा से दो प्रवासी श्रमिक लौटकर छिंदवाड़ा आ चुके हैं। जबकि अन्य स्थानों से सीधे जिला व जनपद पंचायत मुख्यालय में चार हजार 727 व्यक्ति आए हैं। इसमें से तीन हजार 89 श्रमिकों को उनके घर भेजा जा चुका है और सीधे जनपद पंचायत मुख्यालय में पहुंचे एक हजार 638 मजदूर होम क्वॉरंटीन हंै।
Published on:
15 May 2020 05:20 pm

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