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सामूहिक विवाह…जोड़ों को नहीं दिए चेक तो महापौर-अध्यक्ष पहुंच गए कलेक्टर के द्वार

सप्लायर्स के आर्डर निरस्त करने के बाद राशि देने में निगम अधिकारी-कर्मचारियों की दिखी लापरवाही, भटकते जोड़ों को देख पदाधिकारियों को आई दया

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सामूहिक विवाह...जोड़ों को नहीं दिए चेक तो महापौर-अध्यक्ष पहुंच गए कलेक्टर के द्वार

सामूहिक विवाह...जोड़ों को नहीं दिए चेक तो महापौर-अध्यक्ष पहुंच गए कलेक्टर के द्वार

छिंदवाड़ा.नगर निगम के 13 मार्च को हुए सामूहिक विवाह में सम्मिलित जोड़े ढाई माह बाद भी सीएम विवाह प्रोत्साहन राशि के लिए चक्कर काट रहे हैं। सप्लायर्स के आर्डर निरस्त करने के बाद भी उनके चेक नहीं दिए जा रहे हैं। निगम और प्रशासन की उदासीनता व लापरवाही से दुखी महापौर विक्रम अहके और निगम अध्यक्ष धर्मेन्द्र सोनू मागो ने बुधवार को सभापतियों और पार्षदों के साथ चिलचिलाती धूप में कलेक्टर का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने दो दिन के अंदर कार्रवाई न होने पर धरने पर बैठने की चेतावनी दी।
निगम पदाधिकारियों ने कलेक्टर के नाम दिए ज्ञापन में कहा कि नगर निगम एवं जिला पंचायत के संयुक्त तत्वाधान में 13 सौ से अधिक जोड़ों का विवाह इनर ग्राउंड में संम्पन्न हुआ था। वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान नव विवाहिताओं को प्रदान की जाने वाली सामग्री के कम मानक के होने एवं गुणवत्ता पर कांग्रेस ने पुरजोर विरोध कर सवाल उठाया था। जिसके कारण हितग्राही घटिया सामग्री का उपयोग करने से बच गए। हालांकि प्रभारी मंत्री के निर्देश के बाद भी जांच में अनावश्यक देरी कर समबन्धित सप्लायरों पर प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई है वहीं 2 माह से अधिक समय से हितग्राही मुख्यमंत्री की घोषणा अनुरूप निर्धारित राशि उनके खाते में आने का इंतजार कर रहे हैं।
पदाधिकारियों ने कहा कि दोषियों पर प्रभावी कार्यवाही करने के साथ ही 2 दिनों के अंदर हितग्राहियों के खाते में निर्धारित राशि भेजी जाए। विलम्ब होने पर कांग्रेस कार्यकर्ता हितग्राहियों के साथ कि ए जा रहे अन्याय के विरोध में धरने पर बैठने विवश होंगे।
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ये भी गड़बड़झाला...निगम के रिकार्ड में 1304 के विवाह
नगर निगम के नेताओं के पास 1365 जोड़े के विवाह होने की जानकारी है तो विवाह के समय 1334 जोड़ों की संख्या को प्रसारित किया गया। अब निगम के पास उपलब्ध रिकार्ड में उस समय केवल 1304 जोड़ों ने ही अपनी उपस्थिति दी थी। इनमें जनपद स्तर के 1056, निगम के 198 और नगरपालिकाओं के 50 जोड़े शामिल थे। दावा है कि निगम ने विवाह के समय 11 हजार रुपए के चेक दे दिए थे। शेष 38 हजार रुपए के सामान में जेवर और कपड़े की राशि काटने की तैयारी है। बच गए करीब 27 हजार रुपए के चेक बांटा जा सकता है।
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सामाजिक न्याय का दावा..26 मई को दे दिए 3.58 करोड़ रुपए
सामूहिक विवाह में बजट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सामाजिक न्याय विभाग की थी। उसके मुताबिक 26 मई को ही नगर निगम को 3.58 करोड़ रुपए की राशि दी जा चुकी है। इससे वे चेक दे सकते हैं। विभाग के अनुसार दो सप्लायर्स आरके सप्लायर्स और जैन बर्तन भंडार को ब्लैक लिस्टेड करने के लिए शासन को पत्र भी लिखा जा चुका है। तीसरे सप्लायर्स तिवारी इंटरप्राइजेस को केवल सामग्री वापस ले जाने कहा गया है। इस संबंध में सामाजिक न्याय विभाग के उपसंचालक एसके गुप्ता ने निगम को बजट देने तथा सप्लायर्स पर कार्रवाई की पुष्टि की है।
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कांग्रेस कर रही राजनीति, सप्लायर्स और अफसरों पर दर्ज हो मामला: पाण्डे
सामूहिक विवाह में कांग्रेस के प्रदर्शन को स्तरहीन राजनीति बताते हुए नेता प्रतिपक्ष विजय पाण्डे ने कहा कि उपहार सामग्री घटिया होने की उनकी शिकायत पर ही जांच हुई और सामग्री बांटने से रोका गया। इस विषय पर कांग्रेस के महापौर, निगम अध्यक्ष और किसी भी सभापति ने कुछ नहीं कहा। आज जब घटिया सामग्री वापस कर दी गई और कन्याओं को नगद राशि चैक के रूप में प्रदान की जा रही है तो कांग्रेस दिखावा कर रही है। पांडे ने निम्न क्वालिटी के चांदी के जेवर, श्रंग़ार सामग्री की कम सप्लाई करने वालों से लेकर भोजन व्यवस्था करने वाले सप्लायरों और ठेकेदारों के विरूद्ध अपराधिक मामला दर्ज करब्लेक लिस्टेड करने और दोषी अधिकारियों के विरूद्ध भी दण्डात्मक कार्यवाही की मांग की। भाजपा पार्षद दल उच्च जांच एजेंसियों में भी पूरे प्रमाण के साथ शिकायत करेगा।