
Neem ka pad
छिंदवाड़ा/पांढुर्ना. नीम गुणों का भंडार कहा गया है। नीम की छांव में बैठने से ही उसका काफी लाभ मिलता है। उसकी छालए लकड़ीए पत्तीए फलए जड़ सारा कुछ सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यही कारण है कि पुराने समय में आबादी के अंदर नीम के पेड़ बहुतायत में मिलते थे। शहर की सामाजिक संस्था आदित्य क्लब द्वारा चार साल पहले रेलवे स्टेशन मार्ग पर लगाए गए पौधे अब बड़े हो कर छांव देने लगे हैं। तेज गर्मी में इन पेड़ों की छांव से राहगीरों को सुकून मिलता है। पैदल व साइकिलों से घूम घूम कर सामान बेचने वालों के लिए इन पेड़ों की छांव संजीवनी साबित हो रही है। छांव धूप से बचा रही है वहीं इनकी ठंड़ी हवा सुखद अनुभव का अहसास कराती है। रेलवे स्टेशन से बस स्टैण्ड तक यहीं पेड़ यात्रियों के लिए सहारा बने हुए हैं। वहीं राहगीर पेड़ों की छांव में धूप से बचकर पैदल चल पा रहे है। दुकानों के बाहर वाहन खड़े करने के लिए भी इन पेड़ों की छांव कारगर साबित हो रही है।
सडक़ की सुन्दरता भी बढ़ी
स्टेशन रोड पर डिवाइडर पर लगाए गए पौधे से भी नजरें नहीं हटती। हरे भरे पौधे सुंदरता बढ़ा रहे है। शहर के विभिन्न स्थानों पर भी इसी तरह पर्यावरणीय हरे भरे वातावरण का निर्माण किया जाना चाहिए। चार साल पहले आदित्य क्लब रेलवे स्टेशन रोड सहित शहर की सडक़ों के किनारे पौधरोपण अभियान चलाया था। पौधे भी नीम के लगाए गए थे। आज यह प्रयास सफ ल नजर आ रहा है। आदित्य क्लब के संचालक प्रवीण सिंह चौहान ने सदस्यों और शहर के नागरिकों के साथ मिलकर सडक़ की सूरत के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा काम किया है।
Published on:
09 May 2022 07:29 pm

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