
Notice to BJP Mayor
छिंदवाड़ा. इतवारी बाजार की दुकानों के बरामदा आवंटन और नगर निगम के सम्मेलन न बुलाने को लेकर महापौर कांता सदारंग को पुन: कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस बार नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा दिसम्बर में आए जांच दल द्वारा पाई गई अनियमितता और नियमों के उल्लंघन को विधिवत विस्तार से दिया गया है। इसका जवाब भी महापौर ने विभाग को भेज दिया है।
27 दिसम्बर 18 को नगरीय प्रशासन विभाग का जांच दल नगर निगम पहुंचा था व इतवारी बाजार के बरामदा की प्रीमियम राशि, निगम की बैठकें न बुलाने समेत अन्य शिकायतों पर जांच पड़ताल की थी।
इसकी रिपोर्ट नगरीय प्रशासन विभाग में पहुंचने पर महापौर को पहली बार नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा था और महापौर को राहत मिल गई थी। इस बार नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा 12 जुलाई की तिथि में महापौर के नाम दोबारा नोटिस निकाला गया और जांच दल द्वारा पाई गई अनियमितताओं का पूरा विवरण दिया। इस नोटिस को आयुक्त नगर निगम के माध्यम से 15 जुलाई को पहुंचाया गया। इस नोटिस का जवाब महापौर से 15 दिन के अंदर मांगा गया था। महापौर कांता सदारंग ने जवाबचार दिन पहले अपने अधिवक्ता के माध्यम से दिया है और सभी आरोपों का राजनीतिक आधार पर लगाया जाना बताया है।
नोटिस में ये बताई गई महापौर की अनियमितताएं
1.नगरनिगम छिंदवाड़ा में निगम परिषद की बैठक सम्बंधी व कार्यवाही पुस्तिका के अवलोकन में पाया गया कि नगर निगम द्वारा मप्र नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 27 में दिए प्रावधान का पालन सम्मेलन के आयोजन के लिए नहीं किया जा रहा है। अभिलेखों से ज्ञात होता है कि नगर परिषद का वर्तमान कार्यकाल प्रारम्भ होने से 30 दिसम्बर 18 तक की अवधि में वर्ष 2015 में मात्र 1, वर्ष 2016 में 3, वर्ष 2017 में 2, वर्ष 2018 में 2 बार इस सम्मेलन आयोजित किए गए हैं। यह नियम व कर्तव्य के विपरीत हैं।
2.नगर निगम के 17 पार्षदों द्वारा 2 जुलाई 2018 को आयुक्त नगर निगम को पत्र देकर नगर पालिका का सम्मेलन बुलाने की अध्यपेक्षा की गई थी। विशेष सम्मेलन का आयोजन नहीं किया गया। यह भी गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आती है।
3. नगर निगम क्षेत्र क्षेत्र अंतर्गत इतवारी बाजार की 17 एवं पालिका मार्केट की 12 दुकानों के सामने का बरामदा जिसमें प्रत्येक दुकान के सामने का क्षेत्रफल 10 गुना 5 तथा 10 गुना 8 है का आवंटन बिना प्रीमियम का निर्धारण और बिना सक्षम स्वीकृत किए बिना किया गया।
आयुक्त के माध्यम से नोटिस तामील कराया
पहली बार महापौर को सीधा नोटिस नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा जारी किया गया था। इस बार नगरीय प्रशासन विभाग के उपसचिव राजीव निगम द्वारा 12 जुलाई को महापौर के नाम पर जारी नोटिस पहले संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन जबलपुर को पहुंचा,जहां से यह 15 जुलाई को आयुक्त नगर निगम के नाम पहुंचा। उसमें नोटिस की प्रति महापौर को तामील कराकर उसकी अभिस्वीकृत जबलपुर कार्यालय को पहुंचाने को कहा गया था। फिर आयुक्त ने यह नोटिस इसी तिथि 15 जुलाई को महापौर को भेजा।
नगरीय प्रशासन द्वारा दोबारा पहुंचाए गए आरोपों के नोटिस का जवाब दे दिया गया है। यह आरोप राजनीति से प्रेरित होकर लगाए गए हैं। इसको लेकर हम जनता के बीच में जाएंगे।
-कांता सदारंग, महापौर नगर निगम।
Published on:
27 Jul 2019 05:00 am

बड़ी खबरें
View Allछिंदवाड़ा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
