प्रदेश के तीन जिलों में छिंदवाड़ा को शामिल किया गया था पॉयलट प्रोजेक्ट में
छिंदवाड़ा। ‘हाजिरी ऑनलाइन अटेंडेंस’ के माध्यम से बच्चों की उपस्थिति पर स्कूल शिक्षा विभाग नजर रख रहा है। मॉनिटरिंग तंत्र को और प्रभावी एवं उत्तरदायी बनाते हुए शिक्षा विभाग ने एम शिक्षामित्र ऐप से बच्चों की उपस्थिति को दर्ज करना अनिवार्य किया है। विगत एक माह पहले पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत शाजापुर, बड़वानी और छिंदवाड़ा जिले में यह व्यवस्था शुरू की गई है और माना जा रहा है कि तीनों जिलों में यह व्यवस्था सफल रही है, जिसके बाद अब पूरे प्रदेश में लागू की जा रही है। जबकि जिले में गत सितम्बर माह में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति 29 फीसद ही दर्ज की गई है। हालांकि शिक्षकों की उपस्थिति 96 प्रतिशत दर्ज हुई है। इस संबंध में जिला शिक्षा केंद्र के अधिकारियों का मानना है कि अन्य जिलों से उनके जिले का प्रदर्शन अच्छा ही रहा है। स्कूल में बच्चे तो नियमित आ रहे हैं, लेकिन उनकी उपस्थिति ऑनलाइन माध्यम से नियमित नहीं हो पा रही थी, हालांकि अक्टूबर से उनकी उपस्थिति नियमित हो चुकी है।
एक घंटे के अंदर करना होगा दर्ज
ऐप के माध्यम से शाला के प्राचार्य या प्रधानाध्यापक, शाला में उपस्थित होने वाले शिक्षकों एवं बच्चों की उपस्थिति शाला प्रारंभ होने के एक घंटे के अंदर दर्ज करेंगे। सबसे खास बात यह है कि उपस्थिति बिना नेटवर्क वाले क्षेत्र से भी दर्ज की जा सकेगी। बाद में मोबाइल नेटवर्क में आने पर अपने समय सहित उपस्थिति दर्ज कर सकेगा। शाम पांच बजे के बाद उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकेगी।
इनका कहना है
शिक्षकों की 96 प्रतिशत एवं बच्चों की 29 प्रतिशत उपस्थिति ऑनलाइन सिस्टम से दर्ज हुई है। यह शुरुआती माह था और कक्षा 1 से 8 तक के ही बच्चों की उपस्थिति दर्ज की जा रही थी, इसलिए कम उपस्थिति दर्ज की जा सकी है। अब कक्षा 1 से 12 तक के बच्चों की भी उपस्थिति दर्ज की जानी है। इसलिए ऑनलाइन सिस्टम से अधिकाधिक उपस्थिति दर्ज हो जाएगी।
जेके इरपाचे, डीपीसी छिंदवाड़ा