छिंदवाड़ा/चौरई. नगर में चल रहे श्रीमज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा व गजरथ महोत्सव के तीसरे दिन भगवान ऋषभ देव का जन्मकल्याणक धूमधाम से मनाया गया। सौधर्म इंद्र के सभी इंद्रों ने नगरवासियों के साथ उत्सव मनाया। भगवान के जन्मोत्सव पर सौंठ के लड्डू और मिष्ठान्न का वितरण किया। सुबह 6 बजे से जन्मोत्सव पूजन, अभिषेक पूजा हवन सहित सभी विधियां पं.पवन दीवान के निर्देशन में पूरी हुई। आचार्य विशुद्ध सागर ने सुबह के प्रवचन में कहा कि जन्म तो सभी प्राणी लेते है पर मनुष्य ही एक ऐसी योनि है जो अपने कर्मो से नर से नारायण की राह पर चल कर अपना जीवन सार्थक कर सकता है। उन्होंने भगवान के जन्मकल्याणक की महिमा भी समझाई। आचार्य ने कहा कि एक मन्दिर कम बनाओ पर बच्चों को अच्छे संस्कार दो। बेटी की रक्षा तो संस्कृति की रक्षा है। रावण के लोभ देने के बावजूद सीता माता अपने धर्म पर अटल रहीं। महिलाएं भी उनके आदर्शों पर चलने का प्रयास करें। मोबाइल सबसे ज्यादा भ्रम फैलाता है इससे बचिए। युवाओं से कहा कि पिता का वचन निभाने के लिए श्रीराम ने घर राजपाठ सब छोड़ दिया। श्रीराम के आदर्शों पर चलो तभी जीवन सार्थक होगा। अच्छा देखो अच्छा सोचो और अच्छा जियो।
हाथी पर सवार होकर निकले भगवान आदिनाथ
जन्मकल्याणक के जुलूस में भगवान आदिनाथ हाथी पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकले । सौधर्म इंद्र व मण्डलेश्वर परिवार के साथ घोड़ा गाडिय़ों में इंद्रसभा आसीन थी। बैंड -बाजे शैला मण्डली डीजे के साथ भक्त शोभा यात्रा में शामिल हुए। बालक रूपी भगवान का सुमेरु पर्वत की पाण्डुक शिला में अभिषेक किया गया।