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Railway Indent: समय पर नहीं पहुंची रैक, 96 लाख का नुकसान

व्यापारियों को इंडेंट बुक करने के बाद करना पड़ा निरस्त

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After the up and down track of 350 crores, traffic will be smooth from the fourth line of the railway

After the up and down track of 350 crores, traffic will be smooth from the fourth line of the railway

छिंदवाड़ा। निर्धारित समय सीमा में रेलवे ने रैक नहीं भिजवाई, तो व्यापारियों ने बुक किए गए इंडेंट निरस्त कर दिए। इससे रेलवे को 96 लाख रुपए लौटाने पड़े। दरअसल, एक अप्रैल 2022 से अब तक 210 इंडेंट बुक किए गए। इनमें से 51 रैक लोड किए जा चुके हैं, जबकि 111 रैक लोड किया जाना बाकी है। वहीं 48 इंडेंट निरस्त किए जा चुके हैं। रेलवे को इन सभी निरस्त किए गए 48 इंडेंट की राशि लौटानी पड़ गई। इंडेंट निरस्त करने का कारण रैक समय पर छिंदवाड़ा स्टेशन नहीं पहुंचना है।


बुक करते समय जमा होता है दो लाख रुपए

अपना सामान या उपज को दूसरे शहर भेजने के लिए कोई भी कम्पनी रेलवे की रैक के लिए इंडेंट बुक करती है। बुकिंग के दौरान दो लाख रुपए रेलवे के अकाउंट में जमा करना पड़ता है। इसके बाद रेलवे 10 दिनों के अंदर रैक
उपलब्ध कराता है। यदि निर्धारित समय सीमा में रैक नहीं मिली, तो सम्बंधित एजेंसी या व्यापारी बुकिंग निरस्त कर सकता है। इस स्थिति में रेलवे को बुकिंग की पूरी राशि
लौटानी पड़ती है।

शुल्क: 50 हजार रुपए से किया दो लाख रुपए
इस सत्र के पहले तक छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन से इंडेंट बुक करने का शुल्क 50 हजार रुपए था। बार-बार फर्जी इंडेंट लगाए जाने की शिकायतों के बाद रेलवे ने यह शुल्क दो लाख रुपए कर दिया। शुल्क चार गुना बढ़ाने के बाद इंडेंट बुकिंग तीन गुना कम हो गई। इस वित्तीय वर्ष में बुक किए गए 210 इंडेंट में 111 एजेंसियों को अभी भी रैक का इंतजार है।

सिवनी से लोड हुए 42 इंडेंट
20 मार्च 2022 को सीआरएस के बाद सिवनी-नैनपुर टै्रक पर माल गाडिय़ों का परिचालन शुरू कर दिया गया। इसके बाद सिवनी से 42 रैक लोड हुए। रेल अधिकारियों ने बताया कि इसके पहले तक छिंदवाड़ा स्टेशन से इंडेंट बुक करके रैक लोड करवाने में सिवनी का काफी योगदान रहता था। सिवनी-नैनपुर ट्रैक शुरू होने के बाद अब सीधे सिवनी से रैक लोड हो रही है। इससे इंडेंट बुक करने की संख्या में भी काफी कमी आई है।


रेलवे में इंडेंट बुक करते समय व्यापारी 10 दिनों के अंदर अपने माल को तैयार करने का प्रयास करता है, लेकिन रेलवे के रैक उपलब्ध नहीं करा पाने के कारण व्यापारियों को अपने माल की डिलीवरी देने में विलंब हो जाता है। रेलवे को इंडेंट बुक करने के साथ ही निर्धारित समय सीमा में रैक उपलब्ध कराना चाहिए।
प्रतीक शुक्ला, अध्यक्ष छिंदवाड़ा अनाज व्यापारी संघ

यदि सौ से अधिक इंडेंट लग चुके हैं, उसके बाद भी रैक बुक की जा रही है, तो व्यापारियों को समझना चाहिए कि उन्हें रैक उपलब्धता के लिए 15 माह तक इंतजार करना पड़ सकता है। बहुत सारे इंडेंट गलत तरीके से भी लगाए गए हैं। इसे रोकने के लिए छिंदवाड़ा स्टेशन पर पहले ही इंडेंट बुक करने का शुल्क बढ़ाया गया है। रेलवे का नियम यह भी है कि सार्वजनिक वितरण करने वाली एजेंसी की मांग को पहले प्राथमिकता दी जाती है। सप्ताह में दो बार रैक उपलब्ध करवाया जाना तय है।
रवीश कुमार सिंह, सीनियर डीसीएम, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर मंडल

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