
निर्धन की भूख आठ रुपए में मिटाने के लिए शुरू हुई इंदिरा रसोई
चित्तौडग़ढ़. प्रदेश की 213 नगर निकायों में 358 इंदिरा रसोई योजना का शुभारंभ गुरूवार को वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुभारंभ किया, इनमें चित्तौडग़ढ़ शहर के तीन रसोई घरों सहित जिले के कुल आठ रसोई घर भी शामिल है।यहां कलक्ट्रेट परिसर स्थित जनसुनवाई केंद्र में वीडियो कांफ्रेसिंग में सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना, जिला कलक्टर के.के. शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर मुकेश कुमार कलाल, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत, उपखंड अधिकारी श्यामसुंदर विश्नोई, सीएमएचओ संजीव टांक, नगर परिषद सभापति संदीप शर्मा, उपसभापति कैलाश पंवार, नगर परिषद आयुक्त दुर्गा कुमारी आदि की मौजूदगी में वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों से भी बात की। उन्होंने इंदिरा रसोई में लोगों के भोजन की गुणवत्ता के बारे में बात की। लाभार्थियों ने भोजन को स्वादिष्ट और ताजा बताया। इन रसोई घरों में आठ रूपए में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। वीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि इंदिरा रसोई योजना में भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर कमेटी गठित होगी। राज्य सरकार प्रति थाली 12 रूपए अनुदान देगी। प्रदेश की सभी 213 नगर निकायों में 358 इंदिरा रसोई का संचालन किया जाएगा। जहां जरूरतमंद लोगों को सम्मान के साथ भोजन कराया जाएगा। आंजना ने किया निरीक्षणसहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने गुरुवार को रोडवेज बस स्टैण्ड स्थित इंदिरा रसोई योजना का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां भोजन कर रहे लोगों से भोजन की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने खुद टोकन कटवाकर भोजन चख कर उसकी गुणवत्ता की परख की। उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीबों के लिए 8 में भरपेट भोजन की व्यवस्था कर अच्छा काम किया है। जिला कलक्टर शर्मा, पूर्व विधायक जााड़ावत ने भी इंदिरा रसोई योजना के भोजन को चखा।
जिले में यहां संचालित होंग
ेचित्तौडग़ढ़ शहर में रोडवेज बस स्टैण्ड, सांवलिया जी अस्पताल व चंदेरिया में इंदिरा रसोई घर संचालित होंगे। इसके अलावा निम्बाहेड़ा, बड़ीसादड़ी, कपासन, बेगूं व रावतभाटा नगर पालिका क्षेत्र में एक-एक रसोई घर का संचालन किया जाएगा। इस तरह जिले में कुल आठ रसोई घरों का संचालन होगा।
दानदाता भी करवा सकेंगे भोजन
इन रसोई घरों में दानदाता भी अपने परिजनों की वर्षगांठ, जन्मदिन या अन्य किसी उपलक्ष्य में सुबह-शाम या दोनों समय का भोजन प्रायोजित कर सकेंगे। आगंतुकों के लिए प्रायोजित भोजन प्रायोजित सीमा तक नि:शुल्क उपलब्ध रहेगा। संबंधित दानदाता लागत राशि का भुगतान जिला समन्वय एवं मॉनिटरिंग समिति के बैंक खाते में करेंगे। प्रायोजक को ऑन लाइन पोर्टल से जमा राशि की रसीद प्राप्त करनी होगी। कूपन पर प्रायोजन का नाम अंकित किया जाएगा।
Published on:
20 Aug 2020 11:38 pm
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