
चूरू. जिले की रतनगढ़ तहसील के गांव जांदवा निवासी 62 वर्षीय रिटायर्ड फौजी ओकारमल खीचड़ ने गांव के बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई करने के लिए बाहर न जाना पड़े, इसके लिए उन्होंने गांव में अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोला था। इस स्कूल का भवन नीलाम होने वाला है। इसे नीलामी से बचाने के लिए वे लगातार सोशल मीडिया पर लाइव आकर लोगों से मदद की अपील कर रहे हैं। उन्हें सोशल मीडिया पर हजारों लोगों का समर्थन मिल रहा है। अब तक करीब 17 लाख रुपए जुटाए जा चुके हैं। हालांकि स्कूल भवन को नीलामी से बचाने के लिए अभी भी उन्हें 43 लाख रुपए की जरूरत है। स्कूल भवन की नीलामी 25 मई को होगी।
ओकारमल ने आर्मी से रिटायर होने के बाद स्कूल लेक्चरर के पद पर जॉइन किया। बाद में अपना अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोला। स्कूल के भवन निर्माण के लिए 60 लाख रुपए का लोन एक निजी फाइनेंस कंपनी से लिया। इसमें से 36 लाख रुपए की किस्तें उनके बेटे ने चुका दी। 26 नवम्बर 2019 को उनके इकलौते बेटे की मौत हो गई। जिसके बाद खीचड़ 6 लाख रुपए की किस्तें दे चुके थे। बकाया लोन नहीं चुका पाए तो ब्याज बढ़ता गया। कम्पनी ने नोटिस दे दिया कि स्कूल को खाली करो।
स्कूल भवन पर अब कंपनी का कब्जा
पहला नोटिस नवम्बर 2021 को मिला। दूसरा नोटिस दिसम्बर 2022 को मिला। खीचड़ ने बच्चों के हित में मई 2022 को 400 बच्चों की टीसी काट दी। फाइनेंस कम्पनी ने 17 मार्च 2023 को कोर्ट और डीएम के आदेश के साथ पुलिस जाब्ते के साथ निजी स्कूल भवन के ताला लगा सीज कर दिया और भवन अपने कब्जे में ले लिया।
Published on:
01 May 2023 09:46 am
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