
दस्तावेज दिखाते कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा। फोटो- पत्रिका
सालासर/सुजानगढ़। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने चूरू जिले के सालासर स्थित एसबीआई बैंक में अचानक पहुंचकर कृषि फसल बीमा योजना 2025 में बड़े घोटाले का खुलासा किया है। मंत्री ने इस गड़बड़ी में फर्जी किसान बनाकर माफिया, बीमा कंपनी और बैंक की सांठगांठ की संभावना जताई है।
किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि सालासर बैंक शाखा से 71 किसानों के नाम पर 15 लाख रुपए की बीमा राशि काटी गई थी और इन किसानों को करीब 9 करोड़ रुपए की क्लेम राशि एक-दो दिन में मिलने वाली थी, लेकिन समय रहते मामले का खुलासा हो गया। उनके अनुसार पूरे राज्य में 15 हजार किसानों के नाम पर 1150 करोड़ रुपए के घोटाले की आशंका है।
सालासर शाखा में जिन 71 किसानों का कृषि फसल बीमा किया गया, उनमें से अधिकांश मामलों में किसान और उनके पिता का नाम एक ही पाया गया। जैसे अजय कुमार नायक के पिता का नाम अजय कुमार नायक, अनिल सारस्वत के पिता का नाम अनिल सारस्वत, अंकिता सारस्वत के पिता का नाम अंकिता सारस्वत, अनुज सारस्वत के पिता का नाम अनुज सारस्वत दर्ज है। इस प्रकार फर्जीवाड़ा सामने आया।
गजनेर क्षेत्र में सालासर के किसानों की भूमि दर्शाकर बीमा किया गया, जबकि गजनेर तहसीलदार ने राजस्व रिकॉर्ड मिलान के बाद राज्य सरकार को रिपोर्ट दी कि संबंधित नामों से कोई कृषि भूमि, खसरा या रकबा दर्ज नहीं है। तहसीलदार की 9 फरवरी की रिपोर्ट के बाद कृषि विभाग हरकत में आया।
कृषि मंत्री ने बताया कि यहां बीमा एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी (एआईसी) ने किया था। कंपनी का यह फर्जीवाड़ा भुगतान से पहले ही पकड़ में आ गया। मंत्री के अनुसार राज्य में केसीसी धारकों की संख्या 67 लाख 25 हजार है, जिनमें से 21 लाख 52 हजार सरकारी बैंकों में हैं और इनमें एसबीआई में 7 लाख 28 हजार खाते हैं।
सालासर शाखा के 71 किसानों में प्रत्येक को 12 लाख रुपए और कुल करीब 9 करोड़ रुपए मिलने थे। मंत्री का दावा है कि 15 हजार किसानों के नाम पर भूमि ही नहीं थी, फिर भी उन्हें बेनामी जमींदार दिखाया गया। सालासर के 71 किसानों की भूमि गजनेर के चक ग्राम 11 एनबीएम, 7-8 टीपीएम, 1-2-3 टीपीएसएम, 6-7-8-9 एनबीएन, 6-7 डब्ल्यूएम और 3-4-5-6 टीपीएम में फर्जी दर्शाई गई है।
कृषि मंत्री ने शाखा प्रबंधक उमेश कुमार से मामले की जानकारी मांगी, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। मंत्री ने संबंधित पत्रावलियां भी मांगीं, जो उपलब्ध नहीं कराई गईं। इससे लोगों में और चिंता बढ़ गई कि बैंक में बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है।
मंत्री के बैंक पहुंचकर जांच करने के दौरान ग्रामीणों में चिंता का माहौल दिखाई दिया। ग्रामीणों का कहना था कि वे अपनी जमा पूंजी सुरक्षित रखने के लिए बैंक में पैसा रखते हैं, लेकिन यदि बैंक में ही इस प्रकार की अनियमितताएं हों तो आमजन किस पर भरोसा करे।
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मंत्री किसानों के नाम पर हुए इस घोटाले को लेकर नाराज दिखाई दिए और कहा कि मामले में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। जांच के बाद दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं शाखा प्रबंधक से जब इस संबंध में प्रतिक्रिया लेनी चाही गई तो उन्होंने कहा कि वह फिलहाल इस मामले में कुछ नहीं कहना चाहते।
Updated on:
13 Feb 2026, 7:36 PM IST
Published on:
13 Feb 2026, 7:35 PM IST
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