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IND vs ENG: मैच जिताऊ पारी खेलने के बाद तिलक वर्मा ने दिया चौंकाने वाला बयान, कहा – अंतिम ओवरों में काफी…

तिलक ने कहा, "गौतम सर ने मुझसे पिछली पारी में कहा था कि जब आपको एक ओवर में 10 रन चाहिए तो आप वह भी कर सकते हैं। जब आपको 7-8 रन चाहिए तो आपकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। इसलिए, आपको अंत तक टिके रहने की जरूरत है।"
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नई दिल्ली

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Siddharth Rai

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Updated: 26 Jan 2025, 2:28 PM IST

India vs England T20 Series: इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत की जीत के नायक तिलक वर्मा ने स्वीकार किया कि मैच के आखिरी ओवरों में वह काफी दवाब महसूस कर रहे थे। स्टार स्पोर्ट्स के साथ बातचीत में उन्होने कहा, "जब सूर्य भाई ने मुझे दक्षिण अफ्रीका में नंबर तीन का स्थान दिया, तो यह मेरे लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ था। इसके लिए मैं सूर्य भाई को बधाई और धन्यवाद देना चाहता हूं। जहां तक ​​इस सीरीज की बात है, बाएं-दाएं संयोजन चल रहा है इसलिए, जहां भी मेरी जरूरत है, मैं वहां मौजूद हूं। लचीलापन अच्छा है और मैं इसे अच्छी तरह से अपना रहा हूं और हमेशा तैयार हूं।"

तिलक ने कहा, "गौतम सर ने मुझसे पिछली पारी में कहा था कि जब आपको एक ओवर में 10 रन चाहिए तो आप वह भी कर सकते हैं। जब आपको 7-8 रन चाहिए तो आपकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। इसलिए, आपको अंत तक टिके रहने की जरूरत है। आप कैसे भी खेलें, नॉन-स्ट्राइकर को स्कोर करने दें। आपका काम एक ओवर में एक या दो बाउंड्री लगाना और सिंगल लेना है। अगर आप अंत तक टिके रहते हैं, तो हम गेम जीत जाते हैं .और आज भी, ड्रिंक्स के दौरान ब्रेक, उन्होंने मुझसे कहा, चाहे कुछ भी हो, तुम्हें अंत तक खेलना होगा, इसलिए मेरे मन में था कि मैं अंत तक खेलूंगा और मुझे विश्वास था कि मैं मैच जीतूंगा।"

उन्होने कहा, "मैंने अपने स्ट्राइक रेट पर काम किया है। मेरा फॉरवर्ड गेम अच्छा है। अगर मैं पिक-अप शॉट या बाउंसर पर रन मारता हूं, तो गेंदबाज के लिए यह बहुत मुश्किल हो जाएगा। इसलिए, मैंने इस पर बहुत काम किया है। मेरा स्ट्राइक रेट भी बढ़ गया है और आप देख सकते हैं कि मुझे अच्छे परिणाम मिल रहे हैं।"

भारतीय मध्यक्रम के बल्लेबाज ने कहा, "मैं बहुत दबाव में था। अर्शदीप ने मुझे प्रोत्साहित किया और कहा कि इस विकेट पर आर्चर आपको आउट नहीं कर सकता। उसने कहा, कि अगर मुझे बाउंसर मिलेगा तो मैं उसे ऊपर से मारूंगा। उन्होंने बहुत सारी बातें कहीं। लेकिन जो भी हुआ, मुझे खुशी है कि उन्होंने आर्चर की गेंद पर चौका लगाया और सबसे अच्छी बात यह थी कि रवि बिश्नोई ने नेट्स में बहुत अच्छा काम किया है। देखा जाए तो उन्होंने सामने से फ्लिक मारा. इसका बहुत सारा श्रेय उन्हें भी जाता है. दरअसल, वो दो चौके बहुत महत्वपूर्ण थे।"

सूर्य कुमार की तारीफ करते हुये तिलक ने कहा, "मैं केवल एक ही बात कह सकता हूं। हम दोनों आईपीएल में भी एक साथ खेलते हैं। लेकिन किसी भी नए खिलाड़ी के लिए भी, वह हर खिलाड़ी के साथ बहुत अच्छा रिश्ता बनाए रखता है। मैदान पर, मैदान के बाहर भी। वह सभी खिलाड़ियों को इतना समय देते हैं। यह बहुत अच्छा लगता है जब भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव जैसा कोई व्यक्ति हमारे साथ होता है, यहां तक ​​कि अगर कोई नया बच्चा भी टीम में शामिल होता है, तो उसे सब आसान लगने लगता है।"