कम उम्र पर खेलने से होता है फायदा-
कम उम्र के खिलाड़ियों के चयन पर सचिन ने कहा कि "अगर कोई अच्छा खिलाड़ी है तो उसको देश के लिए खेलने का मौका मिलना चाहिए और उसकी उम्र इसके आड़े नहीं आनी चाहिए।" सचिन ने आगे बताया कि जब उन्होंने अपना पहला मैच(पाकिस्तान के खिलाफ 1989-90) खेला था तब वह केवल 16 साल के ही थे और कम उम्र पर खेलना शुरू करना उनके लिए फायदेमंद ही साबित हुआ था। उन्होंने बताया कि वह नहीं जानते थे कि वसीम अकरम, वकार यूनिस और अब्दुल कादिर जैसी बेस्ट बोलिंग लाइन-अप के खिलाफ कैसे खेलना है। हलाकि सचिन ने यह बहुत जल्द ही सीख लिया था।