
वैभव सूर्यवंशी (Photo - IANS)
Vaibhav Suryavanshi Weakness: राजस्थान रॉयल्स के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। मात्र 11 मैचों में ही उन्होंने 229 के स्ट्राइक रेट से 452 रन ठोक दिए हैं। लेकिन जैसे-जैसे उनकी पारियां बढ़ रही हैं, उनकी कुछ बड़ी कमजोरियां भी नजर में आने लगी हैं। आखिर क्या है इस बॉस बेबी की कमजोरी? आइए इसका कच्चा-चिट्ठा खोलते हैं।
वैभव की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वो सिंगल लेने में बिल्कुल भी भरोसा नहीं रखते। उनके दिमाग में बस एक ही चीज चलती है, वो है 'बड़ा शॉट खेलना'। 11 मैचों में उन्होंने 36 चौके और 42 छक्के जड़े हैं, जो यह बताता है कि वो सिर्फ बाउंड्री में डील करते हैं। यही वजह है कि जब गेंद बाउंड्री के बाहर नहीं जाती, तो वो अपना विकेट फेंक देते हैं। वो स्ट्राइक रोटेट करने के बजाय हर बॉल को पीटना चाहते हैं, जो उनकी सबसे बड़ी कमजोरी बन गई है।
कहने को तो वैभव एक युवा खिलाड़ी हैं, लेकिन उनकी फिटनेस को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मैदान पर वो थोड़े ओवरवेट नजर आते हैं, जिसकी वजह से वो रन-अप लेने (दौड़कर रन बनाने) में आलस दिखाते हैं। क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि एक एथलीट के तौर पर उन्हें अपनी फिटनेस पर काम करना होगा, वरना लंबी रेस का घोड़ा बनना मुश्किल होगा।
अभी तक देखा गया है कि वैभव का बल्ला सपाट पिचों पर जमकर बोलता है, जहां वो बुमराह, बोल्ट और हेजलवुड जैसे दिग्गजों को भी कूट देते हैं। लेकिन असली परीक्षा तब होती है जब पिच गेंदबाजों के मददगार हो। जैसे स्विंग और सीम, ईडन गार्डन्स जैसी पिच जहां गेंद हवा में लहराती है, वहां वैभव संघर्ष करते नजर आते हैं। दूसरा शॉर्ट पिच और बाउंसर, जब तेज गेंदबाज उनकी बॉडी को टारगेट करते हुए बाउंसर मारते हैं, तो वैभव थोड़े असहज दिखते हैं।
पूर्व क्रिकेटर अभिनव मुकुंद ने वैभव की बैटिंग तकनीक पर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। मुकुंद का कहना है कि, 'जहां दुनिया के हर बल्लेबाज को बल्ले की ग्रिप 'V' शेप में पकड़ना सिखाया जाता है, वैभव उसके बिल्कुल उलट बल्ला पकड़ते हैं। उनकी बैकलिफ्ट किसी 'पुली' (Pulley) की तरह काम करती है, पहले नीचे फिर ऊपर। इस अजीबोगरीब ग्रिप की वजह से उनके लिए डिफेंसिव शॉट खेलना नामुमकिन जैसा है।'
| मैच | रन | बॉल्स | स्ट्राइक रेट | 50/100 | छक्के/चौके |
| 11 | 452 | 197 | 229.44 | 3/1 | 42/36 |
वैभव का हाईएस्ट स्कोर 101 रन है जो उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ बनाया था, लेकिन उसके बाद वो जल्दी आउट होने लगे हैं। अगर उन्हें अपनी इस फॉर्म को बरकरार रखना है, तो उन्हें बड़े शॉट्स के साथ-साथ स्ट्राइक रोटेट करना और अपनी फिटनेस पर ध्यान देना ही होगा। वरना भुवनेश्वर कुमार जैसे स्विंग गेंदबाज उनकी कमजोरी का फायदा उठाते रहेंगे।
Updated on:
11 Apr 2026 03:43 pm
Published on:
11 Apr 2026 03:42 pm
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