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मैदान नहीं…मजबूरी में निजी मैदान में आज होगा अंडर १४ का ट्रायल

आजादी के ७५ साल बाद भी बस्तर में प्रशासन के पास टर्फ ग्राउंड नहीं...पूर्व रणजी खिलाड़ी जितेंद्र वेंगड़े को पर्वेक्षक बनाया गया, वे भी इस सलेक्शन में होंगे शामिल

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  • आजादी के ७५ साल बाद भी बस्तर में प्रशासन के पास टर्फ ग्राउंड नहीं
  • पूर्व रणजी खिलाड़ी जितेंद्र वेंगड़े को पर्वेक्षक बनाया गया, वे भी इस सलेक्शन में होंगे शामिल
  • बिना पंजीयन के ट्रायल में नहीं ले सकेंगे भाग।

जगदलपुर. इसे बस्तर की बदकिस्मती ही कहेंगे की यहां सबसे अधिक खेले जाने वाले खेल क्रिकेट के लिए एक भी मैदान ऐसा नहीं है जहां खेलकर खिलाड़ी अपना भविष्य संवार सकें। इसलिए जब इस साल अंडर १४ क्रिकेट ट्रायल करने की बात सामने आई तो जिला क्रिकेट संघ को एक निजी मैदान में इसे करवाने की मंजूरी लेनी पड़ी क्योंकि वे जहां अब तक ट्रायल लेते आ रहे थे वहां मैदान ही ठीक नहीं है। ऐसा नहीं है कि यह मैदान ड्यूज बॉल क्रिकेट के लिए पूरी तरह से तैयार है। किसी तरह नेट या फिर मेट में खिलाकर अब तक बच्चों का चयन किया जाता रहा। लेकिन इस बार तो मैदान इसके लायक भी नहीं बचा।

सुविधा रत्तीभर की नहीं, चाहत नेशनल व इंटरनेशनल की
देश को आजाद हुए करीब ७५ साल से अधिक का समय हो गया है और छत्तीसगढ़ राज्य तो बना ही इसलिए था कि इलाके का तेजी से विकास हो, इसमें भी करीब २४ साल पूरे होने वाले हैं लेकिन इतने सालों में संभाग मुख्यालय में क्रिकेट खिलाडिय़ों के लिए एक भी मैदान टर्फ वाला नहीं है। ऐसे में असुविधा के बीच खेल रहे खिलाडिय़ों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करना ही बेमानी है। लेकिन फिर भी अपने टैलेंट के दम पर कई खिलाड़ी ऐसे हैं जो स्टेट व राष्ट्रीय टूर्नामेंट तक में जगह बना चुके हैं। लेकिन उनमें सरकार की भूमिका लगभग शून्य है।

पहली बार मैदान खराब नहीं, हर बार रहती है यही स्थिति
ऐसा नहीं है कि पहली बार मैदान खराब होने की खबर आ रही है। दरअसल हर साल ट्रायल के दौरान ऐसी स्थिति निर्मित ही रहती है। लेकिन अब तक यहां कोई दूसरी निजी मैदान नहीं होने के कारण इसे स्थगित कर दिया जाता था। लेकिन अब कालीपुर में प्रदीप गुहा द्वारा निर्मित स्थित शहीद सुभाष चंद्र बोस क्रिकेट मैदान में इस बार ट्रायल को शिफ्ट किया गया है।

करोड़ों रुपए हाता मैदान में खर्च किए, अब बन गया चारागाह
ऐसा भी नहीं है कि क्रिकेट मैदान के लिए बस्तर में प्रयास नहीं किए गए। लेकिन अदूरदर्शिता के चलते मैदान होकर भी जिला प्रशासन खेल नहीं करवा पा रही। दरअसल हाता ग्रांउंड जिसे गांधी मैदान के नाम से भी जाना जाता है यहां टर्फ और ड्यूज बॉल के लिए राष्ट्रीय स्तर का मैदान बनाने का प्रयास हुआ था। हालांकि शुरूआत से ही इसकी जगह को लेकर संदेह जताया जा रहा था। आखिर में वहीं हुआ जिसका डर था। आज यह मैदान सिर्फ टेनिस क्रिकेट के लिए लगभग आरक्षित है। ऐसे में वे खिलाड़ी जो इसमें अपना भविष्य देखना चाहते हैं उन्हें बेहद निराश होना पड़ रहा है।

आज होना है अंडर १४ का ट्रायल, पर्यवेक्षक जितेंद्र वेगड़ पहुंच रहे
छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ रायपुर द्वारा अंडर 14 ट्रायल के लिए सभी जिलों में पर्यवेक्षक नियुक्त किए है। बस्तर जिले के लिए जितेन्द्र वेगड़ को पर्यवेक्षक बनाया गया है। जितेन्द्र वेगड़ पूर्व रणजी खिलाड़ी है और वर्तमान में बीसीसीआई लेवल कोच 02 है। जितेन्द्र वेगड़ का जगदलपुर से गहरा संबंध है, उन्होंने यहां बहुत क्रिकेट खेला है, बाए हाथ के ऑलराउंडर रहे। रविवार को सुबह 9.30 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस क्रिकेट स्टेडियम कालीपुर में यह ट्रायल लिया जाएगा। इसमें चयनकर्ता प्रदीप गुहा, विवेक राय, टोनी बारला होंगे। बस्तर जिला के कोच करणदीप को भी उपस्थित रहने कहा गया है।

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