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हेनरी ओलंगा की वजह से 2 दिन तक सो नहीं पाये थे सचिन तेंदुलकर, 36 घंटे बाद कुछ इस तरह लिया था बदला

ट्राई सीरीज का फाइनल मुकाबले में सचिन ने कुछ ऐसा किया जो इतिहास बन गया। सचिन इस मैच में जख्मी शेर की तरह आए और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर टूट पड़े। सचिन ने इस मैच में 92 गेंदों में नाबाद 124 रनों की पारी खेली और इस दौरान 12 चौके और सिक्स जड़े।

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Sachin tendulker vs Henry Olonga: भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जा रही है। इस सीरीज में भारतीय टीम 2-0 से आगे चल रही है। लेकिन एक समय था जब जिम्बाब्वे की टीम भारतीय टीम को टक्कर देने की ताकत रखती थी। ये किस्सा उसी समय का है। 1998 का साल था और भारतीय टीम में राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली जैसे युवा खिलाड़ी जगह बना चुके थे। भारतीय टीम शारजाह में श्रीलंका और जिम्बाब्वे के साथ ट्राई सीरीज खेल रही थी।

जिम्बाब्वे और भारत फ़ाइनल में जगह बना चुके थे। लेकिन उससे पहले एक लीग मैच खेला जाना था। इस मैच में जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत को 205 रनों का लक्ष्य दिया। जवाब में अजय जडेजा की अगुआई वाली भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज हेनरी ओलंगा भारतीय बल्लेबाजों पर कहर बनकर टूट पड़े और देखते ही देखते मात्र 28 रन पर भारत के तीन अहम बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली पवेलियन लौट गए।

गांगुली एक, द्रविड़ 3 और तेंदुलकर 11 रन पर आउट हो गए। तीनों को हेनरी ओलंगा ने अपना शिकार बनाया। ओलंगा ने इस मैच में 46 रन देकर चार विकेट झटके थे और भारत 13 रन से मैच हार गया। तेंदुलकर इस मुकाबले में ओलंगा की एक अचानक उठी गेंद पर बल्ला लगा बैठे और सिर्फ 12 गेंदों में 11 रन बनाकर कैच आउट हो गए थे।

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जडेजा ने सोनी सिक्स पर इस किस्से के बारे में बताते हुए कहा, 'जब सचिन तेंदुलकर आउट हुए, उस रात और जब तक अगला मैच नहीं हुआ, तब तक उनके दिमाग में केवल एक ही बात चल रही थी। वह सो नहीं सका। मैंने उसे एक अलग अवतार में देखा। उन्होंने इंतजार किया। उन्होंने सोचा कि जो हुआ वह सही नहीं था और फिर उन्होंने जो जवाब दिया, हेनरी ओलंगा कुछ नहीं कर सकते थे।'

36 घंटे बाद इस सीरीज का फाइनल मुक़ाबला खेला गया और इस मैच में सचिन ने कुछ ऐसा किया जो इतिहास बन गया। सचिन इस मैच में जख्मी शेर की तरह आए और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर टूट पड़े। इस मैच में जिम्बाब्वे ने 9 विकेट के नुकसान पर 196 रन बनाए। जवाब में सलामी बल्लेबाज सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की बखिया उधेड़ दी।

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सचिन ने पिछले मैच में मिली हार का बदला लेते हुए ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की और सिर्फ 92 गेंदों में नाबाद 124 रनों की पारी खेली और भारत ने केवल 30 ओवरों में लक्ष्य को पा लिया। सचिन ने अपनी इस पारी में 12 चौके और सिक्स मारे। इतना ही नहीं हेनरी ओलंगा को 6 ओवर में 50 रन ठोके।

ओलंगा और सचिन की ये कहानी क्रिकेट की दुनिया की एक चर्चित कहानियों में से एक है। एक इंटरव्यू में खुद ओलंगा ने भी ये बात कही है कि मैंने सचिन को आउट किया पर वो नो बॉल थी। मैंने इतना ज्यादा पंप्ड था कि मैंने अगली ही बॉल बाउंसर डाली और सचिन प्वाइंट पर कैच दे बैठे। मुझे लगता है इस बात से सचिन बहुत ज्यादा गुस्सा हो गए थे।