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शुभमन गिल ने डेंगू से उबरकर एक हफ्ते में कैसे की वापसी, जबकि एक माह में भी फिट नहीं होते लोग, जानें

शुभमन गिल ने डेंगू से पूरी तरह उबरते हुए महज एक हफ्ते में ही पाकिस्‍तान के खिलाफ मुकाबले से मैदान पर वापसी कर ली है। अब सवाल ये कि आखिर शुभमन गिल डेंगू से रिकवरी सिर्फ एक हफ्ते में ही कैसे कर ली। इलाज करने वाले डॉक्‍टर ने किया खुलासा।

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शुभमन गिल ने डेंगू से उबरकर एक हफ्ते में कैसे की वापसी!

शुभमन गिल ने डेंगू से पूरी तरह उबरते हुए महज एक हफ्ते में ही पाकिस्‍तान के खिलाफ मुकाबले से मैदान पर वापसी कर ली है। मैच के दौरान जहां उन्‍होंने पूरी एक पारी फिल्डिंग की तो वहीं भारत के लिए सलामी बल्‍लेबाजी भी की। इस दौरान वह एकदम पहले की तरह फिट नजर आए। अब सवाल ये कि आखिर शुभमन गिल डेंगू से रिकवरी सिर्फ एक हफ्ते में ही कैसे कर ली। जबकि आमतौर पर डेंगू का बुखार ही 8 से 10 दिन तक रहता और प्‍लेटलेट्स काउंट बढ़ने में भी काफी समय लगता है। इस पूरी प्रक्रिया के एक माह बाद भी आम आदमी पूरी तरह से फिट नहीं हो पाता है। आखिर शुभमन गिल इतनी जल्‍दी मैदान पर वापसी कैसे कर सके?


क्रिकबज की रिपोर्ट की मानें तो शुभमन गिल को लेकर सबसे बड़ी चिंता का विषय ये था कि क्‍या वह मैदान में 100 ओवर तक खड़े रह सकेंगे। चिंता का दूसरा विषय ये भी था कि उनके पास शनिवार से पहले तैयारी के लिए सिर्फ दो ही दिन थे। मैनेजमेंट ने उन्‍हें नेट्स में अच्छा प्रदर्शन करते देखा, लेकिन इसके बावजूद अंतिम निर्णय को मैच शुरू होने से पहले के लिए स्थगित कर दिया गया।

शुभमन गिल के डेंगू से उबरने की पूरी कहानी

डॉ. कन्नन ने क्रिकबज को बताया कि युवा भारतीय सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल जैसा एक युवा एथलीट आमतौर पर ठीक हो जाता है। शुभमन गिल भी फिट होने को लेकर गंभीर थे। उन्‍होंने इलाज में पूरा सहयोग किया। हमने जो भी उनसे कहा उन्होंने उसका ठीक से पालन किया। शुभमन गिल 8 अक्‍टूबर को भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच की शाम को अस्‍पताल में भर्ती हुए और अगली शाम वापस होटल चले गए। हालांकि हमने उनके होटल रूम में ही पुरुष नर्स को समय पर इंजेक्शन और आईवी तरल पदार्थ देने के लिए वहां तैनात कर दिया था।

बुखार न बढ़े, इसलिए लगातार देते रहे दवाई

शुभमन गिल के इलाज की प्रक्रिया को लेकर डॉ. कन्‍नन ने कहा कि वह डेंगू होने के दूसरे दिन हमारे पास आए। हमने उनके शरीर का तापमान बढ़ने नहीं दिया। हम ये सुनिश्चित करने के लिए उन्‍हें लगातार दवाई देते रहे कि उनका बुखार न बढ़े। इसलिए हमने बीमारी फैलने से रोकने के लिए शुभमन गिल का हाइड्रेशन ठीक रखा। उन्हें एनर्जी और ताकत के लिए पौष्टिक आहार, विशेषकर पपीता खाने को दिया गया।

50,000 से नीचे पहुंच गया प्लेटलेट काउंट

शुभमन गिल का प्लेटलेट काउंट 50,000 से नीचे पहुंच गया तो डॉ. कन्‍नन ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करने का फैसला लिया। ये ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के मैच के दौरान हुआ। अगली सुबह गिल का प्लेटलेट काउंट और भी गिर गया, हालांकि सोमवार शाम तक यह बढ़ना शुरू हो गया। इसलिए गिल को वापस होटल में शिफ्ट किया गया। जब प्लेटलेट काउंट 100,000 के पार चला गया, तब उन्‍हें उन्हें छुट्टी दी गई।

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फिर अहमदाबाद के लिए रवाना हुए गिल

डॉ. कन्नन ने बताया कि मंगलवार 10 अक्टूबर को गिल प्लेटलेट काउंट और बढ़ गई। फिर अगले दिन और ज्‍यादा इजाफा हुआ। डॉ. कन्‍नन ने बताया कि इसके बाद बुधवार को मैंने उन्हें सूचित किया कि वह यात्रा करने के लिए भी फिट हैं, क्योंकि उनके प्लेटलेट्स की संख्या एक लाख से कहीं अधिक पहुंच चुकी थी। इसीलिए उसी दिन दोपहर को गिल अहमदाबाद के लिए रवाना हो गए।

टीम इंडिया के प्रति दृढ़ संकल्प

डेंगू से सिर्फ एक हफ्ते में उबरकर पाकिस्तान के खिलाफ अपना वर्ल्ड कप डेब्यू करते हुए शुभमन गिल ने 11 गेंदों का सामना करते हुए चार चौकों की मदद से 16 रन की तेज पारी खेली। अच्छी बात ये रही कि उन्‍होंने पाकिस्तान की पूरी पारी में बिना किसी परेशानी के फील्डिंग की। यह शुभमन गिल का टीम इंडिया के प्रति दृढ़ संकल्प ही था, जो समय से पहले मैदान पर लौट सके।

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