
मुरैना. हाइवे पर बने ढाबे अपराध व अपराधियों की पनाहगाह बन रहे हैं। यह बात साधु संत और गोसेवकों ने सोमवार को मुरैना कलेक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में डिप्टी कलेक्टर को बताई। उन्होंने कहा कि नेशनल हाइवे किनारे बने ढाबों को बिना अनुमति के संचालित किया जा रहा है। इनमें अपराध पनप रहे हैं। यहां असामाजिक तत्व एकत्रित होकर अवैध गतिविधियां संचालित करते हैं। इन पर रोक लगाई जाना चाहिए।
ज्ञापन देने वालों ने बताया कि अभी हाल ही में नील गाय के मांस का व्यापार करने वाले आरोपी व उसकी पत्नी को पुलिस ने पकड़ा है। उक्त आरोपी हाइवे के मेवाती ढाबों पर नील गाय का मांस सप्लाई करते थे। जो कि बहुसंख्यक हिन्दू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है। इससे पूर्व भी नूराबाद कस्बे में गोवध की घटना देखने में आई है। जिससे उक्त मेवाती ढाबों पर कार्य कर रहे लोगों का हाथ था।
पूर्व में भी जारह गांव में रकू खांन पुत्र राशिद खांन, सोनू खांन उर्फ सोनू नट नागर एवं उसकी पत्नी मदीना उर्फ लाली एवं टेक मोगिया निवासी जारह द्वारा नीलगाय के मांस को एकत्रित कर इन अवैध रूप से संचालित मेवाती ढाबों पर सप्लाई किया गया है, इनको जिलाबदर किया जाए एवं उनके घरों को बुल्डोजर द्वारा तोड़ा जाए तथा उक्त लोगों के द्वारा अवैध रूप से फर्जी ’आधार कार्ड एवं पहचान दस्तावेज तैयार कर आपराधिक गतिविधियों का अंजाम दिया जा रहा है।
कलेक्टर से मांग की है कि जिले की सीमा पर संचालित सभी ढाबों की गहन जांच कर वहां संचालित अवैध गतिविधियां एवं अवैध रूप से संचालित ढाबों को सख्ती से बंद किए जाने एवं नील गाय की हत्या कर उसका मांस बेचने वाले आरोपी व ढाबा संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में दामोदरदास महाराज, देवदास महारा गोलोक गंगापुर आश्रम, रामवीर बाबा विकास खटीक, शैलेन्द्र राजावत, पवन गुर्जर आदि शामिल हैं।
Updated on:
17 Mar 2026 12:24 am
Published on:
17 Mar 2026 12:24 am
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