
मानसिक और शारीरिक विकास के लिए पढ़ाई की तरह जरूरी है खेल मैदान, जिम्मेदार लगाता कर रहे अनदेखी
दमोह. नई शिक्षा नीति में खेल और शारीरिक गतिविधियों को शिक्षा का अनिवार्य हिस्सा माना गया है, लेकिन जिले के 105 सरकारी स्कूल ही ऐसे हैं, जिनमें खेल मैदान तक नहीं हैं। ऐसे में बच्चे स्कूल की कक्षाओं तक ही सीमित रह गए हैं और इसका असर उनके समग्र विकास पर पड़ रहा है।
खास बात यह है कि स्थानीय अधिकारियों को इसकी परवाह तक नहीं हैं, यही वजह है कि हर साल इन स्कूलों की एक लिस्ट तो बना ली जाती हैं, लेकिन इन्हें मैदान से कैसे जोड़ा जाए इसके लिए कोई योजना अब तक स्थानीय शिक्षा अधिकारी नहीं बना सके हैं। विदित हो कि हाल ही केरल हाईकोर्ट ने भी इस मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। साथ ही स्कूल में खेल मैदान और इसका बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास पर पडऩे वाले असर पर टिप्पणी भी की है।
पत्रिका ने दमोह शहर और आसपास के स्कूलों में जब पड़ताल की तो हकीकत सामने आई। शहर के केशवराव पांडेय स्कूल, शासकीय प्राइमरी स्कूल नया बाजार, एनपीएस आमचौपरा स्कूल सहित 59 स्कूलों में खेल मैदान नहीं है। यहां के बच्चे या तो स्कूल की कक्षाओं में ही इनडोर गेम्स खेल लेते हैं या खेल ही नहीं पाते हैं। सिर्फ अध्यापन तक ये सीमित हैं और कमरों में कैद होकर रह गए हैं। अलग-अलग स्कूलों के प्रधानाध्यापकों का एक जैसा ही जवाब मिला कि सर, जगह ही नहीं है। अधिकारियों और पोर्टल पर भी जानकारी अपलोड की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है।
शारीरिक कमजोरी: बच्चे सक्रिय नहीं रह पाते, जिससे फिटनेस घटती है।
मानसिक तनाव बढऩा: लगातार पढ़ाई से बच्चों में तनाव, चिड़चिड़ापन और ध्यान की कमी होती है, जिससे मानसिक तनाव बढ़ता है।
मोबाइल स्क्रीन की लत: खेल के विकल्प न होने से बच्चे मोबाइल की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं।
प्रतिभा नहीं उभरना: टीमवर्क, लीडरशिप और सहयोग की भावना कमजोर रह जाती है। कई बच्चों की खेल प्रतिभा सामने ही नहीं आ पाती।
बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
मोटापा, कमजोरी और बीमारियां कम होती हैं।
डिसिप्लिन और टीमवर्क विकसित होता है।
स्पोट्र्स में कॅरियर के अवसर खुलते हैं।
स्कूल का परफॉरमेंस और रिजल्ट बेहतर होता है।
बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है।
ब्लॉक कुल -स्कूल मैदान- विहीन स्कूल
बटियागढ़ -201- 27
दमोह -365-59
हटा -213- 0
जबेरा- 203- 5
पटेरा- 194 -0
पथरिया- 191- 14
तेंदूखेड़ा -216- 0
कुल- 1583 -105
( नोट: आंकड़े कक्षा 1 से लेकर 12 तक के सभी स्कूलों के)
फैक्ट फाइल
73 सबसे ज्यादा प्राइमरी स्कूलों में नहीं मैदान
8 प्रतिशत स्कूलों में नहीं है मैदान
59 स्कूल सिर्फ दमोह ब्लॉक में
1487 स्कूलों में है मैदान
90 प्रतिशत स्कूलों में मैदान के लिए जगह ही नहीं
वर्शन
स्कूलों द्वारा प्रतिवर्ष डाइस पर स्कूलों की स्थिति का डाटा अपलोड किया जाता है। जिले के 105 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें खेल मैदान नहीं हैं। इन स्कूलों के बच्चे खेल आसपास के मैदानों में अपनी खेल गतिविधियां संचालित करते हैं।
मुकेश द्विवेदी, डीपीसी दमोह
Updated on:
02 Apr 2026 01:17 pm
Published on:
02 Apr 2026 01:17 pm
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