मनोरंजन के लिए सज गया ग्रामीण परिवेश का रंगमंच, 30 से अधिक झोपडिय़ां
दमोह/ खड़ेरी. पथरिया ब्लॉक का मेहलवारा गांव शनिवार से देश के 350 लोक कलाकारों के साथ बुंदेेली कलाओं के रंग में रंगने जा रहा है। इसके लिए ग्रामीण परिवेश खासकर बुंदेली परिवेश का मंच सजकर तैयार हो गया है। यह मंच खासतौर पर क्षेत्र के किसानों के मनोरंजन के लिए सजाया जा रहा है। इस मंच पर फिल्मी नामीगिरमी हस्तियों के अलावा देश की कला जगत की हस्तियां भी पांच दिन तक शिरकत करेंगी।
शहरी चकाचौंध से दूर ठेठ गांव में पिछले 6 माह से सज रहे मंच को लेकर पथरिया और बटियागढ़ ब्लॉक के गांवों में काफी हलचल है। यहां मिट्टी से बनाया गया विशाल मंच और 30 से अधिक झोपडिय़ां। जिनमें कलाकृतियां भी सजाई जा रही हैं। यह सब एक गांव में लाने के लिए यहां के युवा विश्वनाथ पटेल का महत्वपूर्ण योगदान है। जो स्वयं एक कलाकार है और देश के कई हिस्सों में अपनी कला प्रस्तुतियां दे चुका है। इस आयोजन पर करीब 17 लाख रुपए होने वाला खर्च भी इनके पिता ही उठा रहे हैं। बगैर फंडिंग के स्वयं के व्यय पर होने वाला सार्वजनिक आयोजन जिले का पहला है। इस आयोजन को श्रीराम सेवक किसान लोककला विकास समिति मेहलवारा क्रियान्वित कर रही है।
इस आयोजन के पीछे युवा विश्वनाथ पटेल की सोच यह थी कि किसान पूरे वर्ष भर मेहनत करता है, उसे मनोरंजन व कला से जुडऩे का कोई अवसर नहीं मिलता है। इसलिए उसने किसानों के मनोरंजन के लिए समर्पित कार्यक्रम की रचना की है। जिसमें देश की विभिन्न लोककलाओं के साथ बुंदेली व स्थानीय मेहलवारा के 80 कलाकारों की प्रस्तुतियां देखने मिलेंगी।
इस आयोजन में उत्तराखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, असम, दिल्ली, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, तैंलगना, उत्तरप्रदेश, मुंबई, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड व राजस्थान के 350 कलाकार हिस्सा ले रहे हैं।
इसके अलावा इस आयोजन में फिल्म अभिनेता गोविंद नामदेव, मराठी फिल्म अभिनेत्री अश्विनी शांताराम, कला समीक्षक संगम पांडेय, गिरजाशंकर, नाट्य डायरेक्टर आलोक चटर्जी, वेस्ट म्यूजिशयन संजय उपाध्याय सहित कई नामी गिरामी हस्तियां शिरकत करेंगी।
विश्वनाथ पटेल स्वयं एक लोक नर्तक हैं, जिन्होंने अपनी प्रस्तुतियां देश के 18 राज्यों में की है। उन्हें यह कार्यक्रम कराने का जुनून था, जो 26 मई का साकार होने जा रहा है। यह आयोजन 30 मई तक चलेगा। जिसमें आसपास के किसानों के अलावा करीब 25 हजार से अधिक दर्शकों की पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
इस आयोजन को लेकर बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण भी तैयारियों की बैठक लेने कई बार पहुंचे हैं। इन्होंने यहां की एक झोपड़ी में स्वयं एक घंटे तक बैठकर एक कलाकृति बनाकर युवा कलाकारों की हौसला अफजाई की है।