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दमोह परिषद निलंबन के बाद कलेक्टर की कलम भी हुई फेल

शहर विकास के लिए बना एजेंडा भी अटका, बीते साल के 11 बड़े काम अटके, इस बार एजेंडा भी नहीं

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दमोह

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Samved Jain

Apr 07, 2026

Damoh Nagar Palika

Damoh Nagar Palika

दमोह. नगर पालिका परिषद का सम्मेलन 2025 में कलेक्टर के आदेश पर निलंबित होने के बाद से शहर का विकास अटका हुआ है। इस परिषद में रखे गए एजेंडा के सभी 11 विकास कार्य पूरे साल नहीं हो सके, जबकि 2026 में विकास का एजेंडा भी नहीं बन सका है। खास बात यह है कि सम्मेलन निलंबन के बाद कलेक्टर ने दो बड़े प्रोजेक्ट पर आयुक्त से स्वीकृतियां मांगी थी, लेकिन उनके यह पत्र भी फेल हो गए और यह काम भी नहीं हो सके हैं। अब कलेक्टर सम्मेलन के निलंबन के आदेश को निरस्त करने संबंधी बात करते नजर आ रहे हैं, इसके लिए उन्होंने शासन को पत्र व्यवहार करने की भी बात कही है।

एक के बाद एक सामने आ रहे पत्र


पत्रिका की खबर के बाद अब अलग-अलग माध्यमों से पत्र सामने आ रहे हैं, जिसमें परिषद सम्मेलन निलंबित होने के नुकसान स्पष्ट नजर आ रहे हैं। कलेक्टर के दो ऐसे पत्र भी सामने आए हैं, जिसमें उन्होंने परिषद निलंबन के बाद भी कामों पर स्वीकृतियां चाही गई थीं। निलंबन के 5 दिन बाद ही परिषद के एजेंडा के प्रमुख बिंदू में से एक डोर टू डोर कचरा प्रबंधन के लिए एजेंसी नियुक्त करने संबंधी प्रस्ताव का एक पत्र कलेक्टर ने 4 मार्च 2025 को सीधे आयुक्त नगरीय प्रशासन को भेजा था, जिसमें 5 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति मांगी गई थी। इसके बाद 24 मार्च 2025 को दूसरे प्रमुख बिंदू बेलाताल तालाब पर किए जाने वाले अतिरिक्त कार्य की 1 करोड़ की वित्तीय व प्रशासकीय स्वीकृति की मांग आयुक्त से की थी। इस पत्र में परिषद निलंबन का और एजेंडा में यह बिंदू होने की बात का उल्लेख भी किया था। इन दोनों विषयों को आयुक्त वापस नगरपालिका को भेजा, लेकिन आगे इन पर नोटशीट किसी से बनाई, क्योंकि दोनों बिंदू पहले से ही निलंबित सम्मेलन के एजेंडा में शामिल थे। इस तरह सम्मेलन का निलंबन भारी पड़ता नजर आया।

ये था शहर विकास का एजेंडा, जो निलंबन के बाद हैं अटका

अमृत 2.0 सीवरेज के क्रियान्वयन के लिए डीपीआर, 95 करोड़ के कार्य।

प्रधानमंत्री आवास एएचपी घटक पर निर्णय।

बेलाताल तालाब विकास के लिए शासन से प्राप्त विशेष निधि 1 करोड़ की स्वीकृति

कायाकल्प 2 अंतर्गत विभिन्न सड़कों के डामरीकरण से नवीनीकरण के कार्य कराए जाने की स्वीकृति

डोर टू डोर कचरा संग्रहण, परिवहन के लिए एजेंसी तय करने ५ करोड़ की स्वीकृति

अमृत योजना तालाब निविदा कार्य चालू न होने के संबंध में निर्णय।

घंटाघर जीर्णोद्धार कार्य के लिए 50 लाख की स्वीकृति।

मुख्य बाजार क्षेत्र में महिलाओं के लिए विशेष वॉशरूम बनाने ५० लाख की स्वीकृति

नगर में बड़ीदेवी, जबलपुर नाका सहित अन्य जगहों पर स्वागत द्वार बनाने ६० लाख की स्वीकृति।

एक रिट याचिका व बजट के संबंध में चर्चा

वर्शन

शासन को आदेश निरस्त करने लिखा


कलेक्टर सुधीर कोचर का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए मैंने सम्मेलन को निलंबित करने संबंधी आदेश को निरस्त करने शासन को पत्र भी लिखा था, जिसमें विशेष सम्मेलन को बहाल करने की भी बात है। एक कॉपी डूडा को भी दी थी। यदि सम्मेलन को लेकर कोई परेशानी है तो नपा सीएमओ मेरे संज्ञान में लाएं।