2 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

स्कूलों में नहीं पहुंचे बच्चे, औपचारिक रहा प्रवेशोत्सव

सरकारी स्कूलों में खराब रही स्थिति

2 min read
Google source verification

दमोह

image

Samved Jain

Apr 02, 2026

सरकारी स्कूलों में खराब रही स्थिति

सरकारी स्कूलों में खराब रही स्थिति

दमोह. नवीन शैक्षणिक सत्र की शुरुआत बुधवार से जिले भर में हो गई है। बड़े स्कूलों में जहां प्रवेश उत्सव के कार्यक्रम हुए, वहीं प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में प्रवेशोत्सव औपचारिक ही रहा। इन स्कूलों में बच्चे भी नहीं पहुंचे, जिससे पहले ही दिन स्कूलों में सन्नाटा देखने मिला।
पत्रिका ने शहर के कुछ स्कूलों में पहुंचकर स्थिति देखी तो हकीकत सामने आई है। मामले में स्कूल प्रधानाध्यापकों का कहना था कि स्कूल में बच्चे पहले दिन के कारण कम आए है, सभी बच्चों को बुलाया जा रहा है। कुछ स्कूलों में तो प्रवेशोत्सव और पुस्तक वितरण तक के कार्यक्रम नहीं हुए थे।

सुभाष कॉलोनी स्कूल: सुबह 11.30 बजे
टीम शहर स्थित सुभाष कॉलोनी प्राइमरी स्कूल स्कूल पहुंची। यहां की दर्ज संख्या 32 से अधिक है, लेकिन यहां 4 बच्चे ही मौजूद मिले। यहां प्रधानाध्यापक साधना बिरथरे सहित दोनों शिक्षक मौजूद थे, लेकिन बच्चे नहीं आने के कारण प्रवेशोत्सव नहीं हो सका था। शिक्षिका के अनुसार बच्चों को बुलाया गया है, जैसे ही बच्चे आते है कार्यक्रम किया जाएगा।

न्यू पुलिस लाइन स्कूल: दोपहर 11.50 बजे
पुलिस विभाग की जमीन पर न्यू पुलिस लाइन एकीकृत शाला में 82 बच्चे दर्ज होना बताया गया। यहां एक स्कूल भवन की कक्षाएं पूरी तरह खाली पड़ी हुई थीं। प्रधानाध्यपक सहित समस्त 5 शिक्षिकाएं यहां बैठी हुई थीं, जबकि 15 करीब बच्चे यहां मौजूद थे। जो कि सिविल डे्रस में ही स्कूल पहुंचे थे। इतने बजे तक यहां भी प्रवेशोत्सव की कोई तैयारी नहीं थी। यहां भी बच्चों को बुलाने की बात कही गई।

आम चौपरा प्राइमरी स्कूल: दोपहर 12.20 बजे
एनपीएस आमचौपरा स्कूल में भी करीब 42 बच्चे दर्ज है, जबकि यहां प्रधानाध्यापक ज्योति तिवारी सहित तीन शिक्षिकाएं हैं। यहां महज दो बच्चे ही स्कूल पहुंचे थे। स्कूल से पहले ही दिन एक शिक्षिका मनीषा ठाकुर नदारद थीं। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि ठाकुर आई थी, लेकिन हाजिरी डालने के बाद चली गई हैं। कहां गईं, इसकी जानकारी नहीं है। यहां भी बच्चों को बुलाने के लिए कहा गया, इसके बाद ही प्रवेशोत्सव कार्यक्रम करने की बात कही गई।

अन्य सरकारी स्कूलों में भी ऐसे ही रहे हालात
शहर के इन स्कूलों के अलावा जिले भर के प्राइमरी, मिडिल और एकीकृत शालाओं में भी इसी तरह के हालात प्रवेशोत्सव के दिन देखने मिले। बच्चों ने जहां पहले दिन स्कूल जाने में रुचि नहीं दिखाई, वहीं शिक्षकों ने भी बच्चों को स्कूल लाने के प्रयास नहीं किए गए। साथ ही कुछ शिक्षक भी स्कूल से गायब रहे। खास बात यह है कि किसी भी शिक्षा अधिकारी का पहले दिन स्कूलों का दौरान सामने नहीं आया है।

वर्शन
स्कूलों में बच्चे क्यों नहीं पहुंचे और प्रवेशोत्सव कार्यक्रम तय समय और कार्यक्रम के अनुसार क्यों नहीं किया गया, इस संबंध में संबंधितों से जवाब लिया जाएगा। स्कूल में शिक्षिका की अनुपस्थिति के संबंध में पता करता हूं।
ललित रैकवार, बीआरसी दमोह