
दमोह। जिले के विवादास्पद गंगा जमुना स्कूल के प्रबंधकों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। अब अलग-अलग सरकारी विभागों ने इस स्कूल के दूसरे कारोबारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। दरअसल गंगा जमुना स्कूल प्रबंधन ग्रुप बीड़ी का भी उद्योग करता है। वहीं वन विभाग को इस ग्रुप के तेंदूपत्ता के अवैध संग्रहण करने की गड़बड़ी की जानकारी मिली है। विभाग को यहां अवैध संग्रहित किए गए करीब 850 बोरा तेंदूपत्ता मिले हैं, जिनकी कीमत लगभग 40 लाख रुपए आंकी गई है। अब वन विभाग ने इस मामले में इस ग्रुप से सख्ती से निपटने की बात कही है।
गंगा जमुना स्कूल में धर्मांतरण के खुलासे के बाद इस ग्रुप पर कई सरकारी विभागों ने कार्रवाई की थी। इस ग्रुप पर वाणिज्य कर विभाग, श्रम विभाग, राजस्व विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग और वन विभाग के अधिकारियों की टीम ने छापा मारा। ग्रुप की दूसरी फर्मों में भी कई गड़बडिय़ों का खुलासा हुआ है। बीते दिनों ग्रुप की दाल मिल में टैक्स चोरी पकड़ी गई थी। अब वन विभाग की कार्रवाई में अधिक तेंदूपत्ता संग्रहण का खुलासा हुआ है।
लाखों रुपए के तेंदूपत्ता का अवैध संग्रहण
वन विभाग के अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की गई थी। यहां साल 2021-22 में तेंदूपत्ता संग्रहण किया गया था, जिसमें लगभग 1200 बोरे तेंदूपत्ता अधिक सामने आए हैं। इनमें से गंगा जमुना ग्रुप के कर्मचारियों ने सिर्फ 350 बोरे के संग्रहण की स्वीकृति के दस्तावेज वन विभाग को दिखाए हैं। ऐसे में बाकी बचे 850 बोरे अवैध रूप से संग्रहित किए गए हैं। वन विभाग के वन मंडल अधिकारी एमएस उईके के मुताबिक अवैध संग्रहित किए गए तेंदूपत्ता की कीमत लगभग 35 से 40 लाख रुपए बताई जा रही है।
Updated on:
21 Jun 2023 04:43 pm
Published on:
21 Jun 2023 04:42 pm
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