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VIDEO इस गायक ने 80 फिल्मों में मचाई धूम, इस शायर के बुलावे पर आकर कहा – दुआ हुई कुबूल

फेमस गायक फरीद साबरी दमोह में

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Jaipur Film singer Farid Sabri shayar Nayyar Damohi

Jaipur Film singer Farid Sabri shayar Nayyar Damohi

दमोह. राजस्थान जयपुर के निवासी फेमस सूफियाना गानों के प्रमुख माने जाने वाले फरीद साबरी सोमवार को दमोह पहुंचे। फरीद साबरी दमोह में आयोजित फेमस नैय्यर दमोही की छटवीं किताब कैफो सुरूर के विमोचन कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। कार्यक्रम के कुछ घंटे पहले फरीद साबरी ने पत्रिका से मुलाकात कर अपने जीवन के खास लम्हों को संजोया व उन गानों को गुनगुनाया जिन गानों ने बॉलीवुड की हिंदी फिल्मों में अपनी प्रमुख जगह बनाई हुई है। फरीद साबरी के कई गाने व कव्वालियां ऐसी हैं जो आमतौर पर लोगों को गुनगुनाते सुना जाता है। सूफियाना गानों में अपनी महारथ हासिल करने वाले फरीद साबरी ने तकरीबन 80 फिल्मों में अपनी प्रस्तुतियां गायक के रूप में दीं हैं। वहीं कई फिल्मों में इन्होंने म्यूजिक भी दिया है।

देर न हो जाएं कहीं देर न हो जाए..
फरीद साबरी ने पत्रिका को अपनी आवाज से वाकिफ कराते हुए अपनी पहली हिंदी फिल्म हिना में प्रस्तुत किए गए गाने देर न हो जाए कहीं देर न हो जाए.. को गाकर सुनाया, इसके अलावा इन्होंने अपने पसंदीदा गाना जिंदा रहने के लिए तेरी कसम एक मुलाकात जरूरी है सनम.. को गाकर सुनाया। हिना फिल्म में पहली दस्तक देने वाले फरीद साबरी ने ८० फिल्मों में अपनी प्रस्तुतियां दीं, इनमें पहली फिल्म हिना, के अलावा सिर्फ तुम, परदेश, शीन, ऊफ ए मोहब्बत, दिल आशिकाना, परवाना, लव के लिए कुछ भी करेगा, भागमती अभय सहित कई फिल्मों में गानों की प्रस्तुतियां दीं हैं, जिनके गाने आज भी सदाबहार बने हुए हैं।


जयपुर के अलावा कुछ नहीं भाता


जयपुर में जन्में फरीद साबरी बताते हैं कि उन्हें फिल्मों में काम करने के लिए मुबई जाना पड़ता है, जैसे ही वह अपने कार्य से फ्री होते हैं और तत्काल जयपुर के लिए निकल पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि वह आस्ट्रेलिया, दुबई, सोऊदी, अतर, यूरोप के कई देश, अमेरिका में अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं, लेकिन उन्हें जयपुर ही रहना पसंद है। जयपुर से उन्होंने अपना खास लगाव होना बताया है।


1975 में शुरू हुआ बॉलीवुड का सफर


फरीद साबरी ने बताया कि उन्होंने बॉलीवुड का सफर 1975 में शुरू किया था जो निरंतर जारी है। उन्होंने बताया कि बीकानेर के जमीर बीकानेर ने उन्हें यहां तक पहुंचाने में अपनी पहली भूमिका निभाते हुए रविंद्र जैन से मुलाकात कराई थी। फरीद साबरी ने बताया कि गायकी की तालीम उन्होंने अपने नाना अब्दुल मजीद व पिता से ली है।

युवाओं को दिया संदेश-फरीद साबरी ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा है कि युवाओं को संगीत से जुडऩा चाहिए, यह धरोहर है जिसे हम हस्तांतरित करते जाते हैं। युवाओं को इस ओर आगे आना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनके बेटे भी उनसे यह कला सीख रहे हैं।

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