
दमोह में मलैया फाटक पर बनेगा टी आकार का रेलवे ओवर ब्रिज कम फ्लाइ ओवर
दमोह. शहर के तीन गुल्ली से पथरिया रोड पर स्थित मलैया रेलवे फाटक को लेकर एक बार फिर घमासान शुरू हो गई है। इसे लेकर जहां अलग-अलग चर्चाएं सामने आ रही हैं, वहीं बीते दिन रेलवे ओवर ब्रिज की यहां आवश्यकता न बताते हुए यहां के वासिंदों ने ज्ञापन भी रेलवे को सौंप दिया हैं। इधर, दूसरी ओर पीडब्ल्यूडी ब्रिज निर्माण ने ओवर ब्रिज कम फ्लाइ ओवर बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। खास बात यह भी है कि एक तरफ जहां मलैया फाटक पर १७० मीटर आरओबी की जानकारी जनसंपर्क विभाग से आती हैं, वहीं सेतु विभाग द्वारा यहां १००० मीटर से भी लंबा ब्रिज बनाने का टैंडर भी जारी कर एजेंसी नियुक्त कर दी हैं। ३० करोड़ से अधिक का यह टेंडर बिलो रेट पर गया है।
दरअसल, यह पूरा घमासान तब शुरू हुआ, जब मलैया रेलवे फाटक क्रमांक ५८ पर कुछ दिनों पहले बोरिंग शुरू हुई। बताया गया कि यह बोरिंग मिट्टी के संैपल और टेस्टिंग के लिए कराई जा रही हैं। इसके बाद ही रेलवे ओवर ब्रिज बनाने का काम शुरू हो पाएगा। यह खबर फैलते ही इस क्षेत्र में रहने वालेे लोगों ने जब ब्रिज के संबंध में पता किया तो कहानी कुछ और ही यहां सामने आई।
- सीधा नहीं टी आकार का बनेगा ब्रिज
रेलवे ओवर ब्रिज को लेकर भ्रम की स्थिति उस समय से उत्पन्न हो गई। जब जनसंपर्क विभाग ने प्रेस रिलीज कर यह प्रकाशन कराया गया कि केंद्रीय राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के प्रयासों से दमोह के रेलवे फाटक नंबर ५8 पर १७० मीटर रेलवे ओवर ब्रिज की स्वीकृति मिल गई हैं। जबकि यहां के लिए पहले टी आकार के ओवर ब्रिज कम फ्लाइ ओवर की स्वीकृति हो चुकी थी। ऐसे में लोग दुविधा में आ गए। पड़ताल में स्पष्ट हुआ कि शासन द्वारा जो टैंडर किया हैं, उसमें टी आकार के ब्रिज कम फ्लाइ ओवर का जिक्र है। जो कि किल्लाई नाका रोड से रेलवे लाइन पार करते हुए पथरिया रोड और बीच में स्टेशन चौराहा की तरफ टी बनाएगा।
- डिजाइन में हो रहा बार-बार बदलाव
जानकारी के अनुसार तीन गुल्ली से टी आकार के बनने वाले इस ओवर ब्रिज कम फ्लाइ ओवर का टैंडर हो चुका है। साथ ही इसकी एजेंसी भी नियुक्त हो चुकी हैं। पहले तय हुई डिजाइन को लेकर आई आपत्तियों के बाद फिर से डिजाइन में बदलाव करने की तैयारियां चल रही हैं। जिसके पीछे कारण क्या हैं, फिलहाल यह तो स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन हाल ही में हुई टेस्टिंग को इसका आधार बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार टेस्टिंग कार्य पूरा होने के बाद एक बार फिर से ब्रिज की डिजाइन तैयार की जाएगी। जो फाइनल होगी।
- किस रोड पर कितना जाएगा ब्रिज का हिस्सा
टी आकार का ब्रिज कैसा होगा और इसे एक रोड से कनेक्ट क्यों नहीं किया जा रहा है, यह सवाल भी लोगों के दिमाग में था। पड़ताल में पता चलता है कि पथरिया रोड पर पहुंचने के लिए किल्लाई नाका की ओर से करीब ८०० मीटर का ब्रिज लोगों को पार करना होगा। इसके लिए डिग्री कॉलेज से तीन गुल्ली तक करीब २८५ मीटर और यहां से रेलवे क्रांसिंग करते हुए मुश्किबाबा धाम के पास करीब ५५० मीटर का ओवर ब्रिज रहेगा। यह रास्ता जबलपुर से सीधे पथरिया, छतरपुर, पन्ना के लिए कनेक्ट कराया। इसके अलावा मुख्य शहर से आने वालों के लिए इस ब्रिज में तीन गुल्ली से करीब २७० मीटर स्टेशन चौराहा की ओर टी कनेक्ट ब्रिज बनेगा। इस तरह ब्रिज आकार लेगा। सागर की ओर से आने वालों के लिए यह ब्रिज कनेक्ट नहीं रहेगा। क्योंकि यहां से आने वालों के लिए आगे सरदार पटैल ओवर ब्रिज है। दूसरे ब्रिज के साथ ही यहां से आने वालों के लिए बाजू से मार्ग दिया जा रहा है। जिससे सागर से आने वाले लोग दमोह शहर और जबलपुर के लिए उस मार्ग से पहुंच सकेंगे।
- स्थानीय लोग बोले ओवरब्रिज की जरूरत नहीं
इधर, जहां ब्रिज को लेकर फाइलें तेजी से चल रही हैं, वहीं दमोह शहर के ब्रिज से प्रभावित होने वाले लोगों का भी एकत्रीकरण शुरू हो गया है। बीते दिन ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें ब्रिज की जद में आने वाले लोगों ने मलैया फाटक पर रेलवे ब्रिज आवश्यकता से भी इंकार किया है। लोगों के अनुसार इस मार्ग से कनेक्ट के लिए पथरिया फाटक ओवर ब्रिज और सरदार पटैल ओवर ब्रिज पहले ही बनाए जा चुके हैं, जिससे आवागमन जारी है। दोनों ब्रिज के बीच दूरी भी कम हैं। इसके अलावा अन्य बिंदुओं को बताते हुए रेलवे ओवर ब्रिज की जगह अंडर ब्रिज बनाने की मांग की गई है।
- वर्शन
टी आकार का ब्रिज बनना है। जिसका टैंडर लगकर एजेंसी भी नियुक्त हो चुकी है। टेस्टिंग के काम जारी है, जो पूरा होते ही फाइनल डिजाइन तैयार होगी। इसे लेकर लगातार प्रक्रिया चल रही हैं। जल्द ही इसका काम भी शुरू होना है। रतिराम पटेल, एसडीओ पीडब्ल्यूडी ब्रिज निर्माण
Published on:
01 Aug 2023 11:52 am
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