- दृश्यम फिल्म की तरह मर्डर, 7 साल पहले हुए मर्डर की कहानी, मर्डर जांच में पुलिस की विवेचना, 20 फरवरी 2016 को हुए मर्डर की कहानी, दमोह के हटा में 7 साल पहले हुए मर्डर का खुलासा, हटा में 7 साल पुराने मर्डर का खुलासा, हटा मर्डर केस की स्टोरी दृश्यम फिल्म की तरह, दमोह के हटा में 7 साल पहले हुए मर्डर का कैसे हुआ खुलासा, दमोह पुलिस
कथित प्रेम प्रसंग, मर्डर और ड्रामा से भरी दृश्यम पार्ट 2 मूवी ने देश भर में काफी पसंद की गई है। दृश्यम पहले पार्ट से आगे पार्ट 2 दृश्यम में जांच की री-ओपन और आरोपित तक पहुंचने जैसे सीन दिखाए गए हैं, लेकिन इसमें आरोपित की चतुराई ने पूरी पुलिसिया स्क्रिप्ट बदल कर रख दी थी। यही वजह थी कि लोगों को यह फिल्म खूब पसंद आई थी। खैर, हम यहां इस फिल्म की बात इसीलिए कर रहे हैं, क्यों मध्यप्रदेश के दमोह जिले में भी एक मामला भी दृश्यम फिल्म की तरह सामने आया है। इस फिल्म में भी हीरो अपराध के बाद जेल नहीं जाना चाहता था, लेकिन दृश्यम के हीरो अजय देवगन की तरह वह धैर्य और चतुराई नहीं दिखा सका। नतीजन, अब वह अपराध करने के 7 साल बाद जेल की सलाखों के पीछे हैं। हालांकि, कहानी अब भी कंकाल की जांच पर अटकी हुई है।
मामला दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र में सामने आया है। जहां एक 15 वर्षीय लड़के की हत्या 20 फरवरी 2016 को कुछ लोगों ने सामान्य कारणों के चलते कर दी थी और एक श्मशान घाट में जाकर बच्चे का शव दफन कर दिया था। पुलिस ने उस समय बच्चे की गुमसुदगी की रिपोर्ट दर्ज की और जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। यही वजह थी कि 7 सात बाद भी बच्चा मृत हो गया जिंदा है, यह परिवार को पता नहीं चल सका था।
- तब यह बताई गई थी कहानी
एसपी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि कमला नेहरू वार्ड हटा निवासी कैलाश मिश्रा पिता कुजीलाल मिश्रा निवासी ग्राम पटना हाल कमला नेहरू वार्ड हटा के द्वारा थाना हटा में अपने पुत्र 15 वर्षीय पुत्र के गुम हो जाने की रिपोर्ट की थी जो रिपोर्ट पर थाना हटा में अज्ञात आरोपी के विरुध्द अपराध क्रमांक 48ध्16 धारा 363 भादवि पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया था। बताया गया था कि अपहृत बालक अपने दोस्त टीकाराम विश्वकर्मा एवं सतीश साहू के साथ बुंदेली मेला हटा देखने गया था जो पुलिस के द्वारा संदेहीयान टीकाराम विश्वकर्मा एवं सतीष साहू से निरंतर हरसंभव पूछताछ की गई थी। अपहृत बालक की तलाश हेतु पुलिस के द्वारा देश प्रदेश के हरसंभव स्थानों पर पुलिस टीमे रवाना की गई थी साथ ही अपहृत बालक के संबध मे प्रत्येक पहलु पर विवेचना की गई थी किंतु अपहृत बालक का कोई सुराग नही लग सका था।
- आरोपियों की गलती से फिर खुल गई जांच
पुलिस जांच बंद थी। 7 साल भी बीत चुके थे, लेकिन कहते हैं न कि अपराध किया हैं तो सजा मिलेगी ही और अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, कुछ तो गलती करता ही हैं। खबर है कि कुछ दिन पहले आरोपित मामले को लेकर किसी से चर्चा करते नजर आए थे। इसकी खबर पुलिस तक पहुंच गई थी। यही वजह थी कि पुलिस ने 7 साल पुराने इस मामले को री-ओपन करने में तनिक भी देर नहीं थी। पुलिस के अनुसार निरंतर प्रयासों के दौरान दिनांक 26 जुलाई 2023 को सदेही सतीश साहू निवासी कमला नेहरू वार्ड हटा से पुन: पूछताछ की गई जो सतीश साहू पुलिस के द्वारा सात वर्षों से निरंतर प्रकरण में पतारसी करने एवं संदेही पर नजर रखने से आखिरकार टूट गया और उसके द्वारा अपहृत बालक के साथ घटित हुई घटना का राज खोल दिया।
- पकड़े जाने के बाद यह बताई कहानी
आरोपी सतीश साहू के द्वारा बताया गया कि अपहृत बालक से टीकाराम विश्वकमां परेशान हो चुका था। जिससे टीकाराम विश्वकर्मा और उसने मिलकर फरवरी 2016 में अपहृत बालक की बुंदेली मेला घूमने का बहाना लेकर गौरीशंकर मंदिर प्रामण पीछे श्मशान घाट के सामने स्थित जंगली क्षेत्र में ले जाकर चाकू मारकर अपहृत बालक की हत्या कर दी थी और शव को वही नरवा के पास मिट्टी में गाड़ कर मिट्टी पत्थर झाडयि़ों से ढक दिया था। पुलिस के द्वारा टीकाराम विश्वकर्मा की तलाक कर उसे दस्तयाब किया जाकर पूछताछ की गई जिसके द्वारा अपहृत बालक की हत्या सतीष साहू के साथ मिलकर करना स्वीकार किया। जिससे पुलिस के द्वारा दोनो आरोपियों की निशादेही पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में गौरीशंकर मंदिर के पीछे स्थित जंगली क्षेत्र में बताये स्थान पर शव की तलाश हेतु उत्खनन किया गया जो उक्त स्थान पर अपहृत बालक के शव ककाल के अवशेष बरामद हुये जिन्हे पीएम हेतु सीएचसी हटा भेजा गया। आरोपी टीकाराम विश्वकर्मा के द्वारा अपहृत बालक की हत्या करने का कारण बताया कि अपहृत बालक को उसके एक लडकी के साथ प्रेम प्रसंग का पता पड़ गया था जिसके चलते वह यह बात सभी को बताने की कहता था जिससे उसके द्वारा अपहृत बालक को रास्ते से हटाने का सोच लिया था और अपने साथी के साथ मिलकर उसकी हत्या कारित की थी। बरामद हुये कंकाल के अवशेष को डीएनए परीक्षण हेतु भोपाल भेजा जायेगा। आरोपियों के विरूध्द प्रकरण में धारा 302, 201,34 भादवि का इजाफा किया जाकर पुलिस रिमांड हेतु न्यायालय पेश किया गया है।