21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यहां आसमान में मंडरा रही गिद्ध की चार प्रजातियां, सबसे ज्यादा है संख्या

मडिय़ादो बफरजोन में राजगिद्ध, चमरगिद्ध, देशी और सफेद गिद्ध कर रहे विचरण

2 min read
Google source verification
Four species of vultures found in the calculations

Four species of vultures found in the calculations

यूसुफ पठान मडिय़ादो पन्ना टाइगर रिजर्व के किशनगढ़ व मडिय़ादो बफरक्षेत्र में पहले चरण में हुई गणना के दौरान गिद्धों की चार प्रजातियों के पाए जाने का विभाग के द्वारा दावा किया जा रहा है। हालांकि अभी गिद्धों की संख्या कितनी है, इस बात का खुलासा विभाग ने नहीं किया। लेकिन एक बात तय है कि मडिय़ादो बफरजोन में गिद्ध बड़ी संख्या में हैं। जिसका के गवाह यहां के आसमान में उड़ते गिद्ध अपनी मौजूदगी का आभास स्वयं कराते हैं। तेजी से विलुप्त हुई मुर्दाखोर पक्षि की यह प्रजाति एक बार फिर मडिय़ादो, चौरईया, बछामा के जंगलों में मुर्दा मवेशियों को अपना भोजन करते दिखाई देने लगी है। हालांकि यहां के जंगलों में हजारों की संख्या में दिखाई देने वाले यह गिद्ध अब एक सैकड़ा भी इकट्ठे दिखाई नहीं देते। लेकिन अलग अलग स्थानों पर गिद्धों की संख्या यहां के जंगलों मेें अच्छी खासी पहुंच गई है।
चार प्रजातियां दिख रही यहां-
जानकारी के मुताबिक गिद्ध समूह में ही रहते हैं। जो एक दूसरे पर निर्भर हैं। राज गिद्ध, चमरगिद्ध, देशी व सफेद गिद्ध यहां दिखाई दे रहे हंै। गिद्धों की हर प्रजाति सफाई कर्मी का काम करती है। इनका मेटाबॉलिक सिस्टम इस प्रकार बना है कि यह आहार के हर हिस्से को पचा जाते हैं। फिलहाल देश में गिद्धों की प्रजाति के अस्तिव पर संकट है। इनकी संख्या कुछ हजार में है जबकि 1980 के दशक में इनकी आबादी 8 करोड़ थी।
अनुकूल स्थान है यहां-
किशनगढ़ व मडिय़ादो बफरजोन में गिद्धों की चार प्रजातियों को देखा गया है। हालांकि अभी गिद्धों की गिनती नहीं बता सकते। लेकिन यहां गिद्धों के लिए रहने अनुकूल स्थान देखने मिले हैं। जिससे उम्मीद है कि जब गणना में संख्या प्राप्त होगी तो अच्छा परिणाम निकलेगा।
राजेंद्र सिंह नरगेश -वन परिक्षेत्र अधिकारी
इधर ट्रैक्टर जब्त किया, रॉयल्टी मिलने पर छोड़ा
हटा. क्षेत्र में रेत का अवैध खनन होने के चलते शिकायतों के आधार पर शनिवार दोपहर रेत से भरे एक टै्रक्टर को थाना प्रभारी ने जब्त किया। लेकिन रॉयल्टी की जांच करने के बाद उसे छोड़ दिया। मामले में थाना प्रभारी प्रदीप सोनी ने बताया है कि उन्होंने रेत से भरे एक ट्रैक्टर की जांच की थी। ट्रैक्टर चालक पप्पू यादव टै्रक्टर में रेत भरकर लालटेक से ले जा रहा था। जिनने बताया कि वह भदभदा से रेत भरकर ला रहा था। उसकी रॉयल्टी दिखाए जाने के बाद उसे थाने से छोड़ दिया गया।