
प्राकृतिक स्रोत के जल से सभी बीमारियां ठीक होने का दावा, सिद्ध बाबा के पास बड़ी संख्या में पहुंच रहे लोग
दमोह. मध्य प्रदेश में आस्था के नाम पर अंधविश्वास का एक अजीब मामला सामने आया है। जिले के हटा ब्लॉक के रजपुरा से करीब 5 किमी दूरी पर स्थित तुषारी के जंगल में बने एक कुंड को लेकर इलाके के ग्रामीण युवक राजा सिंह मरावी बाबा ने दावा किया कि, प्राकृतिक स्रोत के जल को ग्रहण करने और उसमें स्थान करने से सभी बीमारियां और दुख ठीक हो जाते हैं। यहीं नहीं उन्होंने इस क्षेत्र को सिद्ध स्थल तक घोषित कर दिया है।
तुषारी बाबा का दावा है कि, यहां से निकले प्राकृतिक जलस्रोत के पानी को पीने और उसमें नहाने से लोगों का भाग्य बदल जाता है। बाबा का ये दावा देखते ही देखते तेजी से इलाके में फैसले लगा और बीते 2 महीने में यहां हर दिन अपनी किस्मत बदलने और बीमारियों से मुक्ति पाने के लिये हजारों की संख्या में लोग कुंड का पानी पीते और उसमें स्थान करते नजर आने लगे हैं।
रजपुरा क्षेत्र के इस जंगली इलाके को अब तुषारी सिद्ध बाबा के सिद्ध क्षेत्र के रूप में जाना जाने लगा है। यहां पर एक प्राकृतिक जलस्रोत है। बाबा राजा सिंह मरावी ने 2 महीने पहले आस-पास के गांव में ये खबर फैली कि, तुषारी के जंगल में सिद्ध बाबा हैं। जहां के जलस्रोत का पानी पीने से लोगों की किस्मत बदल जाती है, साथ ही बड़ी से बड़ी बीमारी भी यहां दूर हो जाती हैं। इलाके में ये खबर आग की तरह फैल गई और आस्था के नाम पर अंधविश्वास के शिकार लोग बड़ी संख्या में यहां अपनी दुख-तकलीफों से निजात पाने के लिये पहुंचने लगे। धीरे-धीरे इस क्षेत्र में लोगों का जमावड़ा बढ़ने लगा। बीते दो महीनों के दौरान अब यहां का आलम ये है कि, यहां प्रसाद सामग्री से जुड़ी कई दुकानें तक खुल गई हैं। हर दिन सैकड़ों की संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं।
क्षेत्र को सिद्ध स्थल घोषित कर बीमारियों से मुक्ति का दावा करने वाला बाबा राजा सिंह मरावी
दूर-दूर से आने लगे लोग
सप्ताह के हर सोमवार को यहां दूर-दूर से लोग बाबा के चमत्कार को नमस्कार करने आते हैं। आस्था और मान्यता के चलते लोग यंहा कुंड में स्नान करने के बाद जलधारा का जल ग्रहण करते और सिद्धबाबा की पूजा करके मन्नत मांगते हैं। इस स्थल पर आस्था लेकर आए लोगों की मानें, तो तुषारी के इस सिद्ध स्थल का जल पीने से उनकी सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। वो अपनी इच्छानुसार दो, तीन या चार सोमवार को यहां आकर सिद्धबाबा की पूजा करते हैं।
पढ़ें ये खास खबर- पाकिस्तान के सबसे बड़े न्यूक्लियर साइंटिस्ट डॉ अब्दुल कदीर खान का निधन
सजने लगीं दुकानें
रजपुरा के जंगल मे लगने वाले इस आस्था के दरबार में आसपास के दर्जनों गांव से लोग आने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने तो यहां अपनी दुकानें भी लगानी शुरु कर दी हैं। सोमवार के दिन यहां का नजारा किसी प्राचीन धार्मिक स्थल की तरह दिखाई देता है। अब देखना यो है कि, अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाले इस प्रकार के कार्यों को ग्रामीण कब तक सही मानते और जंगल मे स्थलों पर ऐसी भीड़ कब तक आती रहेगी।
महाकाल मंदिर में फिल्मी गाने पर झूमते हुए महिला का वीडियो वायरल
Published on:
10 Oct 2021 06:26 pm
बड़ी खबरें
View Allदमोह
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
