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अबूझमाड़ के दक्षिणी द्वार को भेदने सीआरपीएफ कैंप में बनी रणनीति

सीरआरपीएफ के अधिकारियों से पीडब्ल्यूडी मंत्री की हुई गुप्तगू, पीडब्लूडी मंत्री, कलक्टर व 195 वीं बटालियन के कमांडेट मौजूद, मंत्री ने घायल जवान का हाल भी जाना, कहा सतर्कता से करो काम

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Ajay Shrivastava

Jan 02, 2017

 took stock of the construction works,

took stock of the construction works,

दंतेवाड़ा
. नक्सलियों का सबसे बड़ा पनाह गाह माने जाने वाला अबूझमाड़ के दक्षिणी द्वार को भेदने की तैयारी में पुलिस प्रशासन और सीआरपीएफ लगा हुआ है। रविवार को को पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत ने निर्माण कार्यों का जायजा लिया।


बारसूर-नारायणपुर सड़क पर भी पहुंचे। 195 वीं बटालियन के कैंप को पार करने के बाद नक्सलियों की सीमा प्रारम्भ हो जाती है। यहीं पर हफ्ते भर पहले आईईडी की चपेट में आकर जवान पच्ची अप्पन ने अपने दानों पैर गवाएं। बारसूर सड़क का निर्माण कार्य देखने के बाद मंत्री 195 वीं बटालियन में कुछ देर के लिए पहुंचे।


बताया जा रहा है यहां उनकी अधिकारियों के बीच गुप्त बैठक हुई है। इस बैठक में जगदलपुर विधायक संतोष बाफना , सीआरपीएफ के अधिकारी परमाल सिंह और कलक्टर सौरभ कुमार मौजूद थे। बैठक में सड़क को बनाने के लिए ठोस रणनीति तैयार करने के साथ काम करने के लिए मूणत ने कहा।


उन्होंने ये भी कहा कि यदि ये सड़क बन गई तो समझो अबूझमाड़ को भेद दिया। वहीं दूसरी सड़क भी सीआरपीएफ के साए में ही बन रही है। यहां भी नक्सलियों का एक छत्र राज रहा है। पुलिस ने इस इलाके में हाल ही में बड़ी मुठभेड़ की। इसमें 6 नक्सलियों को मारे जाने का दावा किया। ये सड़क अरनपुर- जगरगुंडा है। इस सड़क का निर्माण कार्य जारी है। इन दानों सड़क के पूरे होने के साथ दंतेवाड़ा की कनेक्टविटी बढ़ जाएगी।


घायल का हाल जाना

सीआरपीएफ कमांडेट परमाल सिंह से घायल जवान का हाल भी जाना। मालूम हो कि सप्ताह भर पहले इसी सड़क की सुरक्षा में लगे सीआरपीएफ का जवान पच्ची अप्पन आईईडी की चपेट में आ कर बुरी तरह से घायल हो गया था। कमांडेट ने उसकी हालत में सुधार बताया। घटना के तुरंत बाद मौका मुआयना करने पहुंचे सीआरपीएफ के डीआईजी ने जंगल में झाडिय़ों को साफ करने के लिए सड़क बना रहे ठेकेदार को बोला था। इससे जंगल में कुछ दूर तक साफ दिखा दे।


बारसूर एरिया कमेटी पर पुलिस की नजर

नक्सली जिले में बैकफुट पर है। सड़क निर्माण को हर हाल में पूरा करने के लिए सीआरपीएफ और जिला बल बारसूर एरिया कमेटी पर नजर रख रही है। इस कमेटी के कमांडर और उसके साथियों ने स्कूल के चपरासी की हत्या मुखबिरी के आरोप में की थी। जिले के पुलिस हत्या के बाद और अलर्ट हो गई है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस कमेटी पर शिकंजा कसने के साथ ही सड़क निर्माण कार्य आसान हो जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि माओवादियों को उनके मसूंबों में कामयाब नही होने दिया जाएगा।

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