पटना। सूबे में किसान धड़ल्ले से कीटनाशक दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। दस सालों में कीटनाशक दवाओं का इस्तेमाल 20प्रतिशत बढ़ा है। कीटनाशकों का सबसे अधिक इस्तेमाल सब्जियों पर हो रहा है। अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो राज्य में 400 करोड़ रूपए की कीटनाशक दवा की खपत है।
इसके इस्तेमाल के मामले में बिहार देश के दस सबसे अधिक खपत वाले राज्य की सूची में आ गया है। महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और मध्यप्रदेश के बाद बिहार का स्थान है।
एसेंक्टिसाइड इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में दलहन पर 12 प्रतिशत और फसलों पर आठ प्रतिशत कीटनाशक दवा का प्रयोग बढ़ा है। बैंगन पर जहां कोराजोन कीटनाशी और भिंडी पर इमिडाक्लोप्रिड दवा के छिड़काव से फसलें जहरीली हो रही हैं।
कीटनाशक का उपयोग
सब्जियों की खेती सबसे अधिक समस्तीपुर में होती है। इस कारण सबसे अधिक कीटनाशी का प्रयोग भी यहीं हो रहा है। दूसरे नम्बर पर वैशाली है। वैशाली में केले, लीची और सब्जियों की खेती पर कीटनाशकों का प्रयोग हो रहा है। पूर्णिया में आलू की खेती सबसे अधिक होती है। इस वजह से यहां आलू की फसल पर कीटनाशी का इस्तेमाल हो रहा है। तीसरे नम्बर पर नालंदा है। पटना के जल्ला क्षेत्र में प्याज की फसल पर कीटनाशाकों का प्रयोग हो रहा है।