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गोदाम में मानक पूरे नहीं, करोड़ों का गेहूं रखा

पंखों के गेहूं में नहीं आने व दीमक लगने का खतरा  

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गोदाम में मानक पूरे नहीं, करोड़ों का गेहूं रखा

दतिया/जिगना. मप्र वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के गोदामों में अधूरी तैयारियों के बीच ही भंडारण शुरू कर दिया गया है। गोदामों में गेहूं सहेजने के लिए एग्जास्ट पंखा बेहद जरूरी है पर जिले के अधिकतर गोदामों में या तो यह लगे ही नहीं हैं या फिर खराब पड़े हैं। बिना पंखों के गेहूं में नमी आ जाती है। इससे गेहूं के चिपकने पर दीमक लगने का खतरा रहता है।

जिले में 25 मार्च से ही समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी शुरू हो चुकी है। अब तक करीब सवा लाख क्ंिवटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। इसमें से अधिकतर गेहूं को भंडारण के लिए गोदामों में भेजा जा चुका है। पर हैरानी की बात यह है कि प्रदेश वेयर हाउसिंग के गोदामों की व्यवस्था ठीक नहीं है। सबसे अहम चीज जो गोदामों के लिए है वह है अंदर की नमी (उमस) को बाहर फेंक ने के लिए बड़े-बड़े एग्जास्ट पंखे चालू होना चाहिए वो अधिकतर गादामों में नहीं हैं। जानकारों के मुताबिक इनके बिना गेहूं को सुरक्षित नहीं रखा जा सकता। बावजूद इसके गोदामों की व्यवस्था के लिए जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। पत्रिका प्रतिनिधि ने तीन गोदामों पर जाकर इसका जायजा लिया तो पता चला कि पंखे लगे तो हैं पर वे चालू नहीं हैं। उन्हें सुधरवाने की केवल योजना बनाई जा रही है।

हर गोदाम में छह हजार क्ंिवटल की क्षमता
जिले के तीनों सब डिवीजन में वर्तमान में वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन ने 32 गोदाम बनाए हैं। इनमें से हर गोदाम में गेहूं के भंडारण की क्षमता करीब छह हजार क्विंटल है। यानी सभी गोदामों में दो लाख 12 हजार क्ंिवटल गेहूं रखा जा सकता है। इसमें कुछ गेहूं तो समर्थन मूल्य पर की जा रही खरीदी का है तो कुछ उन किसानों का है जो किराया देकर अपना गेहूं गोदामों में सुरक्षित रख देते हैं। इस बार भी गेहूं का भंडारण होना शुरू हो गया है। अब तक जिले के सभी 73 खरीदी केन्द्रों के माध्यम से सवा लाख क्ंिवटल से ज्यादा गेहूं की खरीदी हो चुकी है। इनमें से 70 फीसदी से ज्यादा का भंडारण भी हो चुका है, लेकिन व्यवस्थाएं ठीक न होने से किसान चिंता में हैं।

किसानों के लिए भी सुविधाओं का अभाव
गोदामों में रखे जाने वाले गेहूं व अन्य अनाज का भंडारण होता है। इसके लिए किसानों का भी इन गोदामों में आना-जाना लगा रहता है। उनकी सुविधा के लिए मौके पर पानी, बिजली, हवा, शौचालय, भोजन व रुकने की व्यवस्था होनी चाहिए पर गुरुवार को बात सामने आई कि जिले के तीन बड़े गोदामों उदगवां मंडी परिसर स्थित गोदाम, बड़ोनी, व खोडऩ के बीच स्थित गोदाम, नोनेर समेत अन्य गोदामों में ये सुविधा नहीं है।

इंजीनियर कराएंगे दुरुस्त
अभी गोदाम भरे नहीं हैं। हो सकता है कुछ गोदामों के पंखे खराब हों। जुलाई तक इंजीनियर भोपाल से आएंगे वे ही पंखे दुरुस्त कराएंगे। बाकी व्यवस्था दिखवा लेते हैं।
जीपी जाटव, जिला प्रबंधक, वेयर हाउङ्क्षसग, दतिया