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31 मार्च का दिन तय था… रेकी कर बनाया था भाजपा नेता की हत्या का प्लान

BJP Leader Murder Case Update: मध्य प्रदेश बीजेपी नेता और पार्षद कल्लू कुशवाहा की हत्या को लेकर बड़ा खुलासा, मामा की हत्या का बदला लेना चाहता था आरोपी, 10 साल पहले शुरू हुई थी रंजिश

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BJP Leader Murder Case Big Update

BJP Leader Murder Case Big Update: मृतक कल्लू कुशवाहा(photo:patrika creative)

BJP Leader Murder Case: 31 मार्च को कुछ बड़ा होगा… वह दिन खाली नहीं जाएगा.. मैं अपने मामा की हत्या का बदला लेकर रहूंगा। मृतक भाजपा कल्लू कुशवाहा को यह धमकी आए दिन मिलती रहती थी। यह बड़ा खुलासा मृतक के भाई शेरू कुशवाहा ने किया है। उसने बताया कि आरोपी छोटू उर्फ पंकज कुशवाहा उसके इलाके के लोगों से कई बार यह बात कह चुका था कि वह मामा की मौत का बदला जरूर लेगा। यही नहीं वह बार-बार 31 तारीख का जिक्र भी करता था। शेरू का कहना है कि लेकिन उस समय किसी ने भी नहीं सोचा था कि वह हकीकत में ऐसा करेगा।

6 लोगों पर FIR

यही नहीं अपने भाई की हत्या (BJP Leader Murder Case) पर बड़ा खुलासा करते हुए शेरू कुशवाहा ने 6 लोगों के खिलाफ नामजद FIR करवाई है। इनमें मुख्य आरोपी छोटू उर्फ पंकज कुशवाहा को बताया गया है। वहीं सुधीर नामक आरोपी ने खुद ही सरेंडर कर दिया है। जबकि अन्य 4 लोगों फरार हैं, इनमें उमेश कुशवाहा, साबह सिंह कुशवाहा और प्रवीण वाल्मिकी शामिल हैं। इन चारों को पुलिस तलाश रही है।

सुबह-सुबह ताबड़तोड़ फायरिंग की आवाज से दहल गया था दतिया

बता दें कि मंगलवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे थे। दतिया शहर के लोग अपने दैनिक कार्यों में लगे थे। इसी दौरान बीजेपी पार्षद कल्लू कुशवाहा भी हर रोज की तरह सुबह की सैर पर निकले थे। वे मंदिर से सीधे घर लौट रहे थे। तभी दो अलग-अलग बाइकों पर सवार होकर आए बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। वह तब तक कल्लू कुशवाहा पर फायरिंग करते रहे जब तक कि वह निढाल होकर सड़क पर ही गिर नहीं गए। उन्होंने देखा कि अब काम हो चुका है, तो वे मौके से फरार हो गए।

बीच चौराहे पर आधा घंटे तक पड़ा रहा शव

बता दें कि यह सनसनीखेज वारदात शहर के सेवढ़ा चुंगी चौराहे पर हुई। जहां कल्लू कुशवाहा का शव करीब आधे घंटे तक सड़क पर पड़ा रहा। मंदिर से लौटते समय उनके साथ दो और भी लोग थे। उन पर दो राउंड फायर किए गए। एक गोली कल्लू के सिर में और दूसरी पीठ पर लगी। गोली लगते ही वह सड़क पर गिरे और मौके पर ही उनकी मौत (BJP Leader Murder Case) हो गई।

10 साल की चुनावी रंजिश का खुलासा

मामले में 10 साल की चुनावी रंजिश की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि 12 दिसंबर 2016 की रात बालकिशन ग्वालियर-झांसी हाईवे से गुजर रहे थे। उनके और कल्लू कुशवाहा के बीच चुनावी रंजिश चल रही थी। उस रात के बाद अगली सुबह बालकिशन का शव सड़क पर मिला। शुरुआत में इसे लोग हादसा समझ रहे थे। वहीं परिजन इसे हत्या बता रहे थे। मामले में पुलिस ने जांच की तो सामने आया कि यह कोई सड़क हादसे में मौत की घटना नहीं है, बल्कि बालकिशन को कार से कुचलकर मौत के घाट उतारा गया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हर संभव सबूत जुटा लिए।

पार्षद चुनाव को लेकर था झगड़ा

बालकिशन कुशवाहा और कल्लू कुशवाह दोनों परिवारों के बीच पार्षद चुनाव को लेकर आपसी झगड़ा चल रहा था। 2025 में बालकिशन कांग्रेस के टिकट से पार्षद थे। 2010 में उन्होंने बीजेपी का टिकट लेकर पार्षद पद जीता था। 2015 में महिला सीट होने के कारण उनके भाई भंवर की पत्नी बीजेपी के टिकट से पार्षद बनीं।

साल 2022 में भंवर जेल में थे। इसलिए कल्लू कुशवाहा निर्विरोध बीजेपी के टिकट से पार्षद बने। इस दौरान भंवर लिंह की पत्नी ने भी चुनाव फॉर्म भरा। लेकिन बाद में वापस ले लिया। दोनों एक ही समाज के थे, इसलिए आपसी रंजिश पैदा हो गई।

तब दर्ज किए गए थे नामजद 6 केस

उस वक्त भी सबूत मिलने के बाद बालकिशन की हत्या के केस में पार्षद कल्लू कुशवाहा, वीरेंद्र कुशवाहा, अरविंद कुशवाहा, रानू अहिरवार और बृजेंद्र अहिरवार के खिलाफ केस दर्ज किए गए। इन 6 आरोपियों को 12 फरवरी 2025 को दतिया कोर्ट में चले केस में उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था।

जमानत पर जेल से बाहर आए थे कल्लू

इस मामले में कल्लू कुशवाह ने कोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी। जिसके बाद वह 4 महीने पहले ही जेल से बाहर आए थे। इन दिनों वह हर मंगलवार को यहां सेंवढ़ा चुंगी बायपास पर स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में दर्शन करने जाते थे। इस मंगलवार को भी वह मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। दर्शन के बाद घर लौटते वक्त कल्लू वहां सब्जी खरीदने रुके थे।

पुलिस के मुताबिक कल्लू पर शराब तस्करी, हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के इन मामलों के साथ ही अन्य 15 से ज्याद केस दर्ज थे।

बालकिशन के भांजे ने की थी रेकी

पुलिस का कहना है (BJP Leader Murder Case) कि बालकिशन का भांजा छोटू कई दिनों से कल्लू की रेकी कर रहा था। वह हर हाल में अपने मामा की मौत का बदला लेना चाहता था। मंदिर जाने का समय उसे पता था। इसीलिए छोटू कुशवाह ने अपने साथी सुधीर, गोलू, उमेशस, प्रवीण को साथ लिया और वहीं पहुंच गया। वे सभी दो अलग-अलग बाइक से वहां पहुंचे थे।

पुलिस के मुताबिक कल्लू ने उन्हें देखा और आरोपियों के पास से ही गाड़ी घुमाते हुए निकले। थोड़ी देर बाद वापस लौटे तो कल्लू पर गोलियां दाग दीं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

एक और नाम आ रहा सामने

इस मामले में इन आरोपियों के अलाव एक और नाम सामने आ रहा है। साहब सिंह यादव का। उसे हत्या का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस ने उसके खिलाफ भी हत्या की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

पहले भी हो चुका था हमला

बताया जा रहा है कि कल्लू कुशवाह पर यह पहला हमला नहीं था। इससे पहले भी उन पर 2017 में एक बार जानलेवा हमला हुआ था। 23 अगस्त को जब कल्लू कुशवाह बालकिशन की हत्या के मामले में कोर्ट से लौट रहे थे, तभी बायपास स्टैंड पर बालकिशन के बाई भंवर सिंह कुशवाहाने अपने भांजे छोटू उर्फ पंकज कुशवाहा और अन्य साथियों के साथ भाई का बदला लेने के लिए फायरिंग की थी। लेकिन उस समय कल्लू कुशवाहा तो बच गए, लेकिन उनके साथी मुकेश कुशवाहा की मौत हो गई थी। पुलिस ने तब भी सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। चार साल केस चलने के बाद उन्हें दोषमुक्त करार दिया गया था। जेल से रिहा होने के बाद भंवर सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।