
दौसा बनेगा औद्योगिक हब, 957.38 करोड़ के एमओयू व एलओआई साइन
दौसा. जिले को औद्योगिक हब बनाने का सुनहरा सपना बुधवार को दौसा इन्वेस्ट समिट में संजोया गया। वक्ताओं ने कहा कि दौसा की लोकेशन व परिवहन की सुगमता के आधार पर अपना जिले का भविष्य सुनहरा है, बस आवश्यकता है कि इस बारे में बड़े उद्योगपतियों तक बात पहुंचाई जाए।
जयपुर रोड पर लक्ष्मी पैलेस होटल में आयोजित इन्वेस्ट समिट में 64 निवेशकों से कुल 957.38 करोड़ के एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टेंडिंग) तथा एलओआई (लेटर ऑफ इंटेंट) साइन कर सौंपे गए। भव्य समारोह में महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश ने कहा कि दौसा के औद्योगिक विकास में आज का दिन मील का पत्थर साबित होगा। कोरोनाकाल के चलते विपरीत आर्थिक परिस्थितियों में मुख्यमंत्री ने इकॉनोमी का आगे बढ़ाने के लिए इन्वेस्ट समिट शुरू की। इसके प्रदेश में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। बड़े-बड़े निवेशक राजस्थान में उपखण्ड स्तर पर निवेश करने में रुचि दिखाने लगे हैं। भूपेश ने महिला बाल विकास विभाग की आईएम शक्ति योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं को भी आगे लाने का काम किया है। 40 करोड़ के एमओयू महिलाओं से किए गए। उड़ान योजना के तहत भी सेनेटरी नेपकिन निर्माण के क्षेत्र में आगे आने के लिए निवेशकों को न्योता दिया। मंत्री ने विश्वास दिलाया कि निवेशकों को सुरक्षित व सकारात्मक माहौल मिलेगा।
कृषि विपणन राज्यमंत्री मुरारीलाल मीणा ने कहा कि दौसा में औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं। सस्ती दर पर भूमि उपलब्ध है। पानी के लिए ईसरदा बांध परियोजना का काम प्रगति पर है। ट्रांसपोर्ट सुविधा राज्य में सबसे अच्छी है। दिल्ली-मुम्बई, गुजरात, यूपी, एमपी सहित कई राज्यों से दौसा से जुड़ा हुआ है। ऐसे में जरूरत है कि बड़े उद्योगपतियों को आमंत्रित कर दौसा की खूबी से अवगत कराया जाए। मीना ने भरोसा जताया कि दौसा आगामी कुछ सालों में देश के बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में गिना जाएगा। निवेशकों से कहा कि एमओयू कर भूलना नहीं है, उद्योग को चालू करना है। निजीकरण के दौर में उद्योगों पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कृषि विपणन विभाग से भी फूड प्रोसेसिंग उद्योग को खुलवाने का आश्वासन दिया।
बांदीकुई विधायक ने कहा कि दौसा जिले से होकर कई हाइवे गुजर रहे हैं। दिल्ली-मुम्बई हाइवे चालू होने के बाद तेजी से विकास होगा। ऐसे में यहां उद्योग धंधे तेजी से पनपेंगे। जिला प्रमुख हीरालाल सैनी ने कहा कि जिले में उद्योग लगेंगे तो स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। जिला कलक्टर पीयुष समारिया ने कहा कि जिले में औद्योगिक विकास के लिए प्रथम प्रयास है, जिसमें 960 करोड़ के विनियोजन के प्रस्ताव प्राप्त होना खुशी की बात है। जिले में तहसील स्तर पर औद्योगिक क्षेत्र खोले जा रहे हैं। निवेशकों के सहयोग के लिए जिला प्रशासन, उद्योग विभाग, रीको व राजस्थान वित्त निगम हमेशा तैयार है। औद्योगिक संघ के अध्यक्ष मनोहरलाल गुप्ता ने समिट के लिए राज्य सरकार का आभार जताया। जिला उद्योग महाप्रबंधक शिल्पा गोखरू ने स्वागत भाषण दिया तथा आखिर में रीको के रीजनल मैनेजर परेश सक्सेना ने आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर उद्योग विकाग के संयुक्त निदेशक राजीव गर्ग, आरएएफसी के ईडी राजेन्द्रप्रसाद शर्मा, रीको क्षेत्रीय प्रबंधक राजीव अग्रवाल, प्रबंधक पिंटेश मीना, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदीप मीना, जिला उद्योग अधिकारी मेघराज मीना, अग्रणी बैंक अधिकारी पीसी बोराना, एसबीआई डिस्ट्रिक कॉर्डिनेटर रतनलाल मीना, दिलकुश मीना, मनीषा मीना, भगवान वर्मा सहित कई अधिकारी व व्यवसायी मौजूद थे।
इनसे हुआ बड़ा एमओयू
इन्वेस्ट दौसा समिट में श्याम नॉलेज पार्क शिक्षा समिति जयपुर के एलपी शर्मा द्वारा श्याम यूनिवर्सिटी कैंपस लालसोट में मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल की स्थापना करने के लिए 300 करोड़ रुपए के निवेश का एमओयू किया गया। सुरेश फ्यूल सेवा प्राइवेट लिमिटेड जयपुर के विष्णु शर्मा ने रामगढ़ पचवारा में मोबाइल पेट्रोल पंप फेब्रिकेशन यूनिट की स्थापना करने के लिए 10 करोड़ रुपए के निवेश का एमओयू किया। यह कंपनी एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल कंपनियों के डीजल की औद्योगिक सप्लाई के लिए फ्यूलएंट के रूप में डिलीवरी का कार्य करेगी। भविष्य में टैंकर भी दौसा में बनने लगेंगे। आनंद श्री ट्रस्ट से 200 करोड़, जेडी इंफ्राटेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से 100 करोड़, श्याम नॉलेज पार्क शिक्षा समिति से 60 करोड़, किवानो एग्रो फूड से 40 करोड़, सामाजिक अनुसंधान विकास समिति से 25 करोड़ सहित कुल 19 एमओयू 770.37 करोड़ के हुए। वहीं 45 निवेशकों से 187.01 करोड़ के एलओआई साइन किए गए। इन सबसे 11618 जनों को रोजगार मिलना अनुमानित है।
Updated on:
12 Jan 2022 09:12 pm
Published on:
12 Jan 2022 09:11 pm
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