15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

श्वानों से कराई मादक एवं विस्फोटक पदार्थों की जांच

Drugs and Explosive Substances Examined: सशस्त्र सीमा बल श्वान प्रशिक्षण एवं प्रजनन केन्द्र डेरा का अभियान

2 min read
Google source verification
श्वानों से कराई मादक एवं विस्फोटक पदार्थों की जांच

श्वानों से कराई मादक एवं विस्फोटक पदार्थों की जांच

बांदीकुई. सशस्त्र सीमा बल श्वान प्रशिक्षण एवं प्रजनन केन्द्र डेरा (रैणी) ने मंगलवार को रेलवे स्टेशन, ट्रेनों एवं मुख्य बाजार में दुकानों के अंदर मादक पदार्थ एवं विस्फोटक पदार्थ रखकर श्वानों (डॉग स्क्वायड) से सर्च कराया। कमांडेंट डॉ. आरएस गहलावत ने बताया कि केन्द्र में वर्तमान में करीब डेढ़ सौ श्वानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें बैल्जियम सैपट, डाबर मैन, लैबरा डॉग, जर्मन सैपट श्वान शामिल हैं। महाराष्ट्र पुलिस की महिला जवान व राजस्थान सहित कई राÓयों के जवानों को भी श्वानों को प्रशिक्षण देने से जुड़ी जानकारी भी दी जा चुकी है। विस्फोटक, खोजी श्वान, मादक पदार्थ एवं ट्रेकर के लिए श्वानों को प्रशिक्षण दिया जाता है।

drugs and explosive substances Examined


इसी कड़ी में 14 जवान 6 जर्मन सैपट व एक लैबरा श्वान लेकर आए। आगरा फाटक व सिकंदरा रोड पर दुकानों के अंदर मादक पदार्थ रखा। इसके बाद श्वानों से सर्च कर ढूंढवाया गया। वहीं रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के बैग व ट्रेनों के कोचों में भी मादक पदार्थ रखकर सर्च कराया गया। सशस्त्र सीमा बल डेरा देश की पैरामिलिट्री का पहला ट्रेनिंग सेंटर है। जहां पर महाराष्ट्र पुलिस की महिलाएं बैल्जियम नस्ल के श्वानों के साथ ट्रेनिंग दे रही हैं।


सर्च अभियान के दौरान बाजार व रेलवे स्टेशन पर यात्रियों व लोगों की खासी भीड़ एकत्र हो गई। हर कोई अभियान के बारे में जानकारी लेते दिखाई दिया और लोगों के बीच कौतूहल का विषय बना रहा। ऋषिकेश-बांदीकुई पैसेंजर ट्रेन सहित कई ट्रेनों में भी सर्च अभियान चलाया।


गौरतलब है कि अब तक सशस्त्र सीमा बल श्वान प्रशिक्षण व प्रजनन केन्द्र के जवान आधा दर्जन से अधिक बार मुख्य बाजार, रेलवे स्टेशन, ट्रेनों में आकर सर्च अभियान चला चुके हैं। इस मौके पर डिप्टी कमांडेंट सुशांत पारेकर, ट्रेनर ऑफिसर (टीओ) घनश्याम पटेल, हैड कांस्टेबल नीरज कुमार, व भूपेन्द्रसिंह भी मौजूद थे।

Drugs and Explosive Substances Examined