
मायरे में नकद राशि ले जाते भाई।
राजस्थान के दौसा जिले की ग्राम पंचायत कालोता की कुम्हारों की ढाणी में एक अनोखा भात भरा गया। इस दौरान 71 लाख 1 सौ एक रुपए नकद और करीब 10 लाख रुपए के सोने-चांदी के गहने भेंट किए गए। ग्रामीणों ने दावा किया कि आस-पास के गांवों में प्रजापत समाज का अब तक का सबसे बड़ा मायरा है। दुल्हन के पिता के निधन के बाद मां अनोखी देवी ने उनका पालन-पोषण किया।
1. नागौर: 4 भाइयों का 1.5 करोड़ का मायरा (अप्रैल 2026 )
नागौर जिले के श्यामसर/जायल इलाके में चार किसान भाइयों ने अपनी इकलौती बहन के बच्चों की शादी में 1.51 करोड़ रुपये से अधिक का मायरा भरा।
नकद राशि: 21 लाख 51 हजार रुपए
अन्य उपहार: खेती की जमीन व गहने दिए।
2नागौर: 6 भाइयों का 8 करोड़ का ऐतिहासिक मायरा (मार्च 2023)
नागौर के ढिगसरा गांव में 6 भाइयों ने अपनी छोटी बहन की पोतियों की शादी में 8 करोड़ रुपये का मायरा भरा, जो काफी ऐतिहासिक माना गया।
नकद राशि: 2.21 करोड़ रुपये नकद।
अन्य उपहार: जमीन व गहने
3. सीकर: एनआरआई (NRI) मामा का 1 करोड़ का मायरा (मार्च 2026)
सीकर जिले में एक दुबई निवासी मामा ने अपनी बहन के घर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का मायरा भरा।
नकद राशि: 51 लाख रुपये नकद।
अन्य उपहार: करीब 21 लाख रुपये की ज्वेलरी और अन्य सामान।
4. मेड़तासिटी: नागौर जिले के ही मेड़ता सिटी में एक मायरा लगभग 1.31 करोड़ कैश और 12 करोड़ की जमीन शामिल थी।
ये मायरे केवल पैसे के लिए नहीं, बल्कि भाई-बहन के अटूट प्रेम, सम्मान और बहन को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने (जमीन देकर) के उद्देश्य से चर्चा में रहे हैं। ये घटनाएं राजस्थान में पारंपरिक मायरा रस्म को एक नई ऊंचाई पर ले गई हैं।
Updated on:
21 Apr 2026 01:31 pm
Published on:
21 Apr 2026 11:08 am
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