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भाजपा में उजागर हुई बड़ी अंतर्कलह, बड़े नेता की एक कॉल ने फिलहाल विवाद सुलझाया

Internal Conflict In BJP : भाजपा में भीतरखाने चल रही बड़ी अंतर्कलह उजागर होने से दिल्ली तक हड़कंप मचा हुआ है। विधायक पांडे के तेवरों के बाद पूर्व सीएम व दो सांसदों सहित तमाम नेताओं का उनके घर आने का कार्यक्रम भले ही टल गया हो , लेकिन अंतर्कलह की चिंगारी शांत नहीं हुई है। विस चुनाव से पहले पार्टी में उपजे माहौल ने भाजपा को असहज कर दिया है।

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Significant factionalism and internal conflict have been exposed within the BJP

विधायक अरविंद पांडे के आवास पर कल कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा था

Internal Conflict In BJP : भाजपा विधायक अरविंद पांडे के मामले ने पार्टी की कलह को सामने ला दिया है। दरअसल, बीते दिनों सुखवंत आत्महत्या प्रकरण और खुद पर लगे आरोपों की सीबीआई जांच समेत कई मामलों को लेकर विधायक पांडे के बयानों ने खासी सुर्खियां बटोरीं थी। उधर, राजस्व विभाग ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामले में विधायक को नोटिस जारी कर कब्जा हटाने को कहा। इस बीच, गुरुवार को गूलरभोज स्थित उनके आवास पर हरिद्वार सांसद, गढ़वाल सांसद और हरिद्वार विधायक समेत भाजपा के कई बड़े नेताओं के जुटने की चर्चाओं ने सियासी पारा चढ़ा दिया। कयास लगने लगे कि पांडे के पक्ष में भाजपा नेताओं के सभा करने से प्रदेश की सियासत में बड़ा संदेश जाएगा। बताया जा रहा है कि हाईकमान के हस्तक्षेप पर हरिद्वार सांसद व पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत ने गुरुवार को पांडे के घर जाने का कार्यक्रम तो टाल दिया था, लेकिन इसकी वजह से हुए सियासी ड्रामे ने देहरादून से दिल्ली तक भाजपा नेताओं की सांसें अटका दीं। त्रिवेंद्र के दफ्तर से जारी भ्रमण कार्यक्रम में गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी और विधायक मदन कौशिक का भी नाम होने से सियासी पारा ज्यादा चढ़ा रहा।

अंदरखाने भाजपा असहज

विधायक अरविंद पांडे प्रकरण से भाजपा भीतरखाने बेहद असहज है। इससे भाजपा में गुटबाजी खुलकर सामने आई है। ये गुटबाजी भी प्रदेश स्तर पर है।  इस मामले को हाईकमान ने बेहद गंभीरता से लिया। न केवल त्रिवेंद्र बल्कि विधायक पांडे से भी बात गई। हाईकमान के हस्तक्षेप से मामला सुलटा जरूर दिख रहा है,पर अंदरखाने भाजपा काफी असहज है। चुनावी वर्ष में जिस प्रकार लगातार पार्टी के भीतर से गाहे-बेगाह असहमति के स्वर सुनाई दे रहे हैं, वो गहरी चिंता का विषय बन रहा है। इसके बाद पांडे ने गूलरभोज आने वाले नेताओं को एक-एक कर फोन किया। विधायक ने उन सभी का आभार जताया। साथ ही अनुरोध किया कि वह गूलरभोज नहीं आएं। बाद में पांडे ने पार्टी में किसी तरह की गुटबाजी की चर्चा को नकारते हुए सबके एक साथ होने की बात भी कही।

ऐसे बैकफुट पर आए पांडे

भाजपा विधायक अरविंद पांडे बीते कुछ दिन से अपनी ही सरकार के खिलाफ तीखे तेवर दिखा रहे हैं। गुरुवार को एक फोन कॉल के बाद वह बैकफुट पर आ गए। सूत्रों के अनुसार, विधायक पांडे के मोबाइल फोन पर पार्टी हाईकमान की कॉल आई जिसके बाद उनके सुर बदल गए। पांडे ने हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र रावत, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी और हरिद्वार विधायक मदन कौशिक काे फोन कर, उनके समर्थन के लिए आभार जताया और गूलरभोज नहीं आने का अनुरोध किया।

कॉल से बदला माहौल

 विधायक आवास पर गुरुवार सुबह 11 बजे से ही समर्थक जुटने शुरू हो गए। सूत्रों के मुताबिक, इसी दौरान विधायक पांडे को हरिद्वार से भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के एक नेता की कॉल आई। उन्होंने विधायक पांडे को इस तरह के कार्यक्रम से पार्टी को नुकसान की बात कही। इस पर पांडे ने कहा कि वह नहीं चाहते हैं कि उनके किसी भी काम से पार्टी को कोई नुकसान पहुंचे। वह पार्टी के अनुशासित कार्यकर्ता हैं। हरिद्वार में एक कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के नेता की मौजूदगी थी। सांसद त्रिवेंद्र रावत और विधायक मदन कौशिक भी वहां थे। सूत्रों के मुताबिक, इसी दौरान दोनों से बात की गई और फिर पांडे को कॉल कर समझाया गया।