
उल्लुओं को शिकारियों से बचाने के लिए लगाई फोर्स!...तंत्र क्रिया में यूं आता है काम
(देहरादून): दिवाली (Diwali 2019) का त्योहार आते ही पौराणिक रूप से लक्ष्मी जी का वाहन माने जाने वाले उल्लू की जान पर बन आती है। तंत्र पूजा (Tantra Mantra) में उल्लूओं की मांग इस कदर बढ़ जाती है कि, इनके दाम दस हजार से लेकर लाख तक पहुंच जाते हैं। इसके चलते शिकारियों से उल्लुओं को खतरा बढ़ जाता है। इसको लेकर वन विभाग द्धारा राज्य भर में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
गार्डों की संख्या में इजाफा
जानकारी के मुताबिक अलर्ट के तहत वन क्षेत्र में गश्त लगाने के लिए वन गार्डों की संख्या में इजाफा कर दिया गया है। इन्हें मुस्तैदी से उल्लुओं की सुरक्षा में तैनात रहने को कहा गया है। देहरादून वन प्रभाग के डीएफओ राजीव धीमान का कहना है कि उल्लू के शिकार की आशंका के मद्देनजर गश्त करने को लेकर मुख्यालय से भी एडवाइजरी जारी हुई है। जानकार बताते हैं कि उल्लू संरक्षित सूची का वन्य प्राणी है। आम दिनों में इन्हें अशुभ माना जाता है, लेकिन दिवाली के अवसर पर तंत्र पूजन के कारण उल्लू की उपयोगिता बढ़़ जाती है। यह स्थिति हर वर्ष दिवाली के समय आती है।
इसलिए होता है तांत्रिक क्रियाओं में उपयोग
मान्यता के अनुसार दिवाली के मौके पर तांत्रिक क्रिया करते समय उल्लू का उपयोग होने से मां लक्ष्मी की कृपा होती है। बलि देने के लिए जंगलों से उल्लू का शिकार किया जाता है। लोगों का मानना है कि इससे जीवन के धन धान्य में वृद्धि होती है। लालचवश लोग उल्लू का शिकार कर इसका उपयोग करते हैं।
Published on:
08 Oct 2019 07:00 am
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