
सीएम पुष्कर सिंह धामी
Ankita Murder Case : अंकिता भंडारी हत्याकांड में अभिनेत्री उर्मिला सनावर की सोशल मीडिया पोस्ट और वायरल किए गए ऑडियो के बाद से उत्तराखंड सहित पूरे देश में हंगामा मचा हुआ है। उर्मिला ने बीते दिनों दावा किया था कि वनंतरा रिजॉर्ट में एक वीआईपी को एक्स्ट्रा सर्विस देने का दबाव अंकिता पर डाला गया था। इनकार करने पर अंकिता की हत्या कर दी गई थी। उर्मिला की पोस्टों के बाद से राज्य भर में भाजपा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और धरने चल रहे हैं। लोग मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग पर मुखर हैं। ये मामला इन दिनों देश भर में सुर्खियों में है। कल भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम छवि खराब करने के आरोप में उर्मिला और उनके कथित पति पूर्व विधायक सुरेश राठौर के खिलाफ केस दर्ज करा चुके हैं। इसी बीच आज सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रेसवार्ता बुलाकर पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया। सीएम ने कहा कि किसी भी दोषी को बक्शा नहीं जाएगा। कहा कि सरकार हर जांच के लिए तैयार है। सीएम ने कहा कि सरकार की मजबूत पैरवी से हत्यारों को उम्रकैद हुई है। सीएम के मुताबिक, अंकिता मर्डर केस एक संवेदनशील और हृदय विदारक घटना है। सीएम ने कहा कि सोशल मीडिया में वायरल ऑडियो की सत्यता जांचने के लिए एसआईटी का भी गठन कराया गया है।
सीएम धामी ने कहा कि अंकिता हत्याकांड के किसी भी दोषी को बक्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में अंकिता के माता-पिता से बात करेंगे। वह जांच चाहेंगे सरकार उस पर निर्णय लेगी। कहा कि वायरल ऑडियो के बाद सबसे ज्यादा प्रभावित अंकिता के परिजन हुए हैं। बता दें कि इस मामले में उर्मिला ने बड़े नेताओं के शामिल होने का दावा किया था। दुष्यंत गौतम ने सुरेश राठौर और उर्मिला सहित विपक्षी दलों के खिलाफ कल पुलिस को तहरीर सौंपी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। इधर, आज सीएम धामी ने प्रेसवार्ता कर सवालों का जवाब दिया।
अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला तीन साल बाद फिर से गरमा गया है। अभिनेत्री उर्मिला सनावर की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद से ये मामला सुर्खियों में है। राजधानी देहरादून सहित राज्य के सभी जिलों और कस्बों में इंसाफ की मांग पर लोग सड़कों पर उतरे हैं। लोग कैंडल मार्च भी निकाल रहे हैं। लोग वीआईपी के खिलाफ कार्रवाई और मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग पर मुखर हैं। न केवल कांग्रेस बल्कि अन्य विपक्षी दल और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों का हुजूम सड़कों पर उतरा हुआ है। यहां तक की कई भाजपा नेता भी अंकिता को इंसाफ दिलाने की मांग पर पदों से इस्तीफा दे चुके हैं। तीन दिन पहले मंत्री सुबोध उनियाल, फिर राज्य सभा सांसद नरेश बंसल और अब सीएम इस मामले में प्रेसवार्ता कर चुके हैं।
Updated on:
06 Jan 2026 04:31 pm
Published on:
06 Jan 2026 04:28 pm
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