21 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

13500 उपनल कर्मचारियों को मिलेगा पक्के कार्मिकों के समान वेतन, सेलरी में होगी दोगुनी बढ़ोत्तरी

Order Issued : करीब साढ़े 13 हजार उपनल कर्मियों को पक्के कर्मचारियों के समान वेतन देने का रास्ता साफ हो गया है। सैनिक कल्याण सचिव ने इसके विधिवत आदेश जारी कर दिए हैं। पिछली कैबिनेट बैठक में कट ऑफ संशोधन को मंजूरी दी गई थी। पहले दस साल सेवा की कट ऑफ 25 नवंबर 2015 तय की गई थी।

2 min read
Google source verification
In Uttarakhand, orders have been issued to pay around 13,500 UPNL employees the same salary as permanent employees

करीब साढ़े 13 हजार उपनल कर्मियों को समान वेतन मिलेगा

Order Issued : करीब साढ़े तेरह हजार उपनल कर्मियों की बल्ले-बल्ले होने वाली है। बता दें कि समान कार्य समान वेतन की मांग पर विभिन्न विभागों के उपनल कर्मी करीब दस साल से आंदोलनरत थे। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उपनल कर्मियों को समान कार्य का समान वेतन देने के आदेश सरकार को दिए थे। उसके बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट का आदेश बरकरार रखा था। आदेश का पालन नहीं होने पर उपनल कर्मी नवंबर में हड़ताल पर चले गए थे। इससे सरकार पर लगातार दबाव बढ़ने लगा था। कुछ समय पहले ही कैबिनेट ने उपनल कर्मियों को समान वेतन के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसमें 10 साल सेवा पूर्ण करने वालों के लिए तय कट ऑफ से करीब साढ़े 11 हजार उपनल कर्मचारियों समान वेतन के दायरे में आ रहे थे। उसके बाद बीते दिनों हुई कैबिनेट बैठक में कट ऑफ में संशोधन का प्रस्ताव पास हुआ था। नए कट ऑफ से करीब दो हजार कर्मी और इस दायरे में आ गए थे। सैनिक कल्याण सचिव दीपेंद्र चौधरी के मुताबिक पहले चरण के लिए तय कट ऑफ के बाद आगे चरणबद्ध तरीके से 12 नवंबर 2018 तक नियुक्त उपनल कर्मचारियों को समान वेतन का लाभ दिया जाएगा। सैनिक कल्याण विभाग ने वित्त विभाग की सहमति के बाद यह संशोधित आदेश जारी किया है।

विभागों के अधीन आ जाएंगे कर्मचारी

उपनल कर्मचारियों को समान वेतन लिए अब संबंधित विभाग से अनुबंध करना होगा। इसके लिए सरकार की ओर से सभी विभागों के लिए गाइडलाइन बना रही है। ताकि समान वेतन के लिए ये सभी कर्मचारी उपनल से हटकर सीधे अपने विभाग के अधीन आ जाएंगे। अभी तक इनसे आउटसोर्स कर्मचारी की तरह काम लिया जा रहा है। इन्हें प्रतिमाह करीब 19-20 हजार रुपये ही वेतन दिया जा रहा था। अब इन कर्मचारियों का वेतन करीब 41 हजार रुपये हो जाएगा। भविष्य में इन्हें पक्के कर्मचारियों के समान अन्य भत्ते भी मिल सकते हैं।