
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल
Political News : भाजपा के कुछ विधायक और बड़े नेता कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। ये दावा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने किया है। उनके इस दावे से सियासत गरमाई हुई है। बता दें कि बीते दिनों कांग्रेस ने मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए तीन पूर्व विधायकों सहित छह बड़े नेताओं को दिल्ली में कांग्रेस ज्वाइन कराई थी। उनमें रुद्रपुर के भाजपा के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, भीमलाल आर्य और नारायण पाल के अलावा तीन अन्य बड़े नेता शामिल थे। हालांकि उनकी कांग्रेस ज्वाइनिंग के तुरंत बाद भाजपा ने उन्हें रिजेक्टेड करार दिया था। इधर, अब कांग्रेस न एक ऐसा दावा किया है कि जिससे भाजपा खेमे में खलबली मची हुई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा है कि भाजपा के कुछ विधायक और तमाम बड़े नेता उनके संपर्क हैं। उन्होंने दावा किया है कि सही समय आने पर भाजपा के वह नेता कांग्रेस ज्वाइन कर लेंगे पूर्व सीएम हरीश रावत के राजैतिक अवकाश से कांग्रेस में भीतरखाने गुटबाजी चरम पर है। इसे लेकर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने कहा कि सभी वरिष्ठ नेताओं की ओर से प्रस्तुत 18 लोगों की सूची प्रदेश प्रभारी को सौंपी थी। उस लिस्ट में संजय नेगी का नाम शामिल था। हाईकमान से पहले चरण में छह की ज्वाइनिंग कराई गई। उन्होंने बताया कि हर माह पांच-सात बड़े नाम पार्टी से जुड़ेंगे। बिना शर्त ज्वाइनिंग हो रही हैं। सर्वे के बाद जीतने जा रहे नामों पर ही पार्टी दांव लगाएगी।
उत्तराखंड कांग्रेस के भीतर सियासी घमासान को थामने के लिए दिग्गजों ने सक्रियता बढ़ा दी है। कल को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पूर्व सीएम हरीश रावत को उत्तराखंड कांग्रेस के लिए चट्टान नहीं, बल्कि बड़ा आधार करार दिया। गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस एकजुट है, कहीं कोई दिक्कत नहीं है। उनके अनुसार, हर नेता के बयान के बाद वे कुछ बोलें, यह ठीक नहीं होगा।बता दें कि, बीते कुछ दिनों से रावत के अवकाश वाले बयानों से असहज दिख रही कांग्रेस डैमेज कंट्रोल मोड में आ गई। कल ही नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने हरीश रावत से मुलाकात की थी। साथ ही गणेश गोदियाल ने रावत से फोन पर वार्ता की थी।
उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपने सियासी अवकाश से उपजे विवाद पर विराम लगाकर भावुक और तीखी सोशल मीडिया पोस्ट की है। रावत ने पोस्ट के जरिए कहा कि उनका अवकाश नए कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन और पार्टी के भीतर धैर्य बनाए रखने का संदेश भर था। उन्होंने विरोधियों और आलोचकों को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि जब भी चुनावी ‘युद्ध’ शुरू होगा, वह पूरी शक्ति के साथ रणभूमि में डटे नजर आएंगे। उन्होंने कहा कि वह स्वयं चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि पार्टी का ‘ढोल’ बजाकर विजय सुनिश्चित करने का काम करेंगे। उन्होंने कहा, मैं पार्टी पर बोझ नहीं बनना चाहता, मगर वर्षों के अनुभव के साथ कुछ गलत होगा, तो चुप भी नहीं रहूंगा।
Published on:
07 Apr 2026 06:55 pm
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