
टनकपुर में हुई बैठक में मौजूद अधिकारी
भारत और नेपाल के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा विवाद दशकों से चल रहा है। दोनों देशों की सीमाओं पर उत्तराखंड के टनकपुर से लेकर यूपी के लखीमपुर खीरी तक 269 अंतरराष्ट्रीय पिलर गायब चल रहे हैं। इधर, उत्तराखंड के टनकपुर आदि क्षेत्रों में स्थित नोमैंस लैंड में बड़ी तादात में आबादी बस चुकी है। इसी अतिक्रमण को हटाने के लिए अब भारत और नेपाल के अफसर आगे की तैयारी शुरू कर रहे हैं।
26 अक्तूबर को होगी दोनों देशों की अहम बैठक
नोमैंस लैंड को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए आगामी 26 अक्तूबर को भारत और नेपाल के अफसरों की अहम बैठक प्रस्तावित है। बैठक में सीमा विवाद हल होने की उम्मीद लगाई जा रही है।
एसडीएम ने ली तैयारी बैठक
26 अक्तूबर को प्रस्तावित बैठक से पूर्व सोमवार को टनकपुर में एसडीएम आकाश जोशी ने एसएसबी और अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। एसडीएम ने बताया कि एसएसबी की ओर से लंबे समय से नोमैंस लैंड में अतिक्रमण को लेकर शिकायतें आ रही हैं। एसएसबी के उप कमांडेंट सुरेश कुमार तोमर ने बताया कि कुछ स्थानों पर बाउंड्री पिलर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसकी वजह से नो मेंस लैंड में अतिक्रमण हो रहा है। अब 26 अक्तूबर को नेपाल एपीएफ और भारतीय एसएसबी की बैठक में सीमा विवाद को लेकर चर्चा की जाएगी। उसके बाद अतिक्रमण चिन्हित करके उसे हटाया जाएगा।
पलियाकला से ब्रहृमदेव तक विवाद की स्थित
दोनों देशों के बीच लखीमपुर खीरी के पलिया कला स्थित पिलर नंबर 700 से उत्तराखंड के टनकपुर स्थित ब्रहृमदेव के पिलर नंबर 811 तक विवाद की स्थिति चल रही है। इन स्थानों पर कई पिलर गायब चल रहे हैं तो कइयों के आसपास व्यापक अतिक्रमण है।
Published on:
17 Oct 2023 10:54 am
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