
उत्तराखंड में स्कूल बस-वैन किराए की नई नीति लागू होने वाली है
New Policy : स्कूल बस और वैन का किराया निर्धारित करने के लिए नई नीति तैयार हो चुकी है। उत्तराखंड में अभी तक स्कूल वाहनों के लिए कोई आधिकारिक किराया नीति नहीं थी। पिछले साल संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव मेहरा की अध्यक्षता में गठित समिति ने विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपी है। बैठक में मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए दो श्रेणियां बनाकर किराए पर सहमति बन सकती है। स्कूल वैन एसोसिएशन के अध्यक्ष सचिन गुप्ता के मुताबिक एक वैन संचालक प्रति छात्र न्यूनतम 2800 रुपये किराया हर महीने मिलने की स्थिति में खर्चे चल पा रहे हैं। बढ़ती महंगाई में वृद्धि का प्रस्ताव दिया है। उनका तर्क है कि जीपीएस, कैमरा, फिटनेस, बीमा और ड्राइवर की सैलरी को देखते हुए इसमें बढ़ोतरी जरूरी है।
उत्तराखंड में स्कूल वाहन चलाने से हजारों लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है। प्रदेश में स्कूल परिवहन न केवल सुविधा, बल्कि रोजगार का भी बड़ा आधार है। प्रदेश में करीब 12,000 स्कूल बसें और वैन चल रही हैं। इस सेक्टर से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से करीब 40,000 लोग जुड़े हैं, जिनमें ड्राइवर, कंडक्टर, हेल्पर शामिल हैं। लेकिन कई इलाकों में स्कूल वैन और बसों का मनमाना किराया वसूलने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। इसी को देखते हुए नई पॉलिसी तैयार की गई है। आज नई पॉलिसी पर मुहर लग सकती है।
जौनसार-बावर के प्रसिद्ध पर्यटन और पौराणिक तीर्थस्थल लाखामंडल जाने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रोडवेज के हिल डिपो ने देहरादून से लाखामंडल के लिए सीधी बस सेवा का संचालन शुरू कर दिया है। नई बसों के बेड़े में शामिल होने के बाद इस रूट पर लंबे समय से चल रही मांग को पूरा किया गया है। हिल डिपो के सहायक महाप्रबंधक राकेश कुमार ने बताया कि यह बस सेवा देहरादून रेलवे स्टेशन स्थित बस अड्डे से संचालित की जा रही है। बस प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे देहरादून (रेलवे स्टेशन बस अड्डा) से रवाना होकर शाम को लाखामंडल पहुंचेगी।
Published on:
25 Mar 2026 11:08 am
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