
अब नहीं होगी मारामारी, ऑनलाइन बुकिंग से थमेगी कालाबाजारी
देहरादून. तीर्थयात्रियों को केदारनाथ ( Kedarnath ) जाने के लिए अब ज्यादा माथापच्ची नहीं करनी होगी और न ही ज्यादा पैसे देकर टिकट खरीदने की आवश्यकता होगी। सरकार ने इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल ( Online Portal ) की शुरुआत की है। जिसके तहत तीर्थयात्री अधिकृत हैली कंपनियों की टिकटें आसानी से बुक कर सकेंगे। इस व्यवस्था से टिकटों की कालाबाजारी पूरी तरह से थम जाएगी। यह ऑनलाइन पोर्टल तीन महीने पहले शुरू किया जाना था, लेकिन ढुलमुल नीति की वजह से यह व्यवस्था प्रदेश में लागू नहीं हो पाई थी। जिसका खमियाजा तीर्थयात्रियों को ऊंची कीमतों पर टिकटों की खरीद कर उठाना पड़ा है। टिकटों की कालाबाजारी को लेकर भी काफी शिकायतें भी मिली। काफी संख्या में तीर्थयात्रियों ने इसकी शिकायतें मुख्यमंत्री से भी की है। उसके बाद मुख्यमंत्री ने नागरिक उड्डयन विभाग को कालाबाजरी रोकने के स्पष्ट निर्देश दिए। अब ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था शुरू होने से केदारनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी। 7 अगस्त से शुरू हुई ऑनलाइन बुकिंग के पहले दो दिनों में कुल 222 टिकटों के मुकाबले 1013 यात्रियों ने सिरसी, फाटा तथा गुप्तकाशी से आरक्षण करवाया है। दूसरे चरण में हैली सेवाएं10 सितंबर से पुन: संचालित की जाएंगी। यात्री यात्रा शुरू होने के 24 घंटे पहले तक अपनी टिकट रिफंड करा सकेंगे।
आएगी पारदर्शिता, घटेगी कालाबाजारी
पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि टिकट बुकिंग में पारदर्शिता लाने तथा टिकटों की कालाबाजारी पर विराम लगाने के लिए सरकार द्वारा यह कदम उठाया गया है। इस पहल को शुरू करने से पूर्व सभी हैली सेवा प्रदाता कंपनियों के साथ वार्ता कर सहमति प्राप्त कर ली गई है। उन्होंने बताया कि 70 फीसद टिकटों की बुकिंग आनलाइन माध्यमों से तथा शेष 30 फीसद टिकटों की बुकिंग काउंटर से ऑन द स्पॉट की जाएगी। इसके लिए गुप्तकाशी में 1 और फाटा में 2 काउंटर स्थापित किए जाएंगे। सिरसी में इंटरनेट सेवा सुचारू नहीं होने के कारण सिरसी हैलीपैड की ऑन द स्पॉट बुकिंग फाटा में स्थापित दूसरे काउंटर से की जाएगी।
सभी को मिलेंगे समान अवसर
जावलकर ने कहा कि नई व्यवस्था लागू हो जाने से यात्रियों को बुकिंग के समान अवसर प्राप्त हो सकेंगे। साथ ही स्थानीय टै्रवल ऑपरेटर्स भी इससे लाभान्वित होंगे। पंजीकृत टै्रवल एजेंट प्रति यात्री अधिकतम 100 रुपए का सेवा शुल्क ले सकेंगे। उल्लेखनीय है कि बुकिंग सॉफ्टवेयर एनआइसी द्वारा तैयार किया गया है। इससे पूर्व हैली कंपनियों द्वारा अपनी निजी वेबसाइट से टिकटों की बुकिंग की जा रही थी। जिसको लेकर यात्री हैली कंपनियों की एकाधिकारिता तथा टिकटों की ब्लैकमार्केटिंग की शिकायतें कर रहे थे।
Published on:
09 Aug 2019 11:51 pm
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