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विश्व के टॉप-10 सफल रेस्क्यू में सिलक्यारा हुआ शामिल, जानें अन्य अभियानों के बारे में

उत्तराखंड में सिलक्यारा की टनल में फंसे श्रमिकों को 17 दिन बाद मौत की अंधेरी गुफा से जिंदगी के उजाले में लाने के साथ ही इस ऑपरेशन के नाम एक कीर्तिमान भी जुड़ गया है। आइये जानते हैं विश्व के सबसे चर्चित रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में...

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ऑपरेशन सिलक्यारा

बीते 12 नवंबर की सुबह ही सिलक्यारा में निर्माणाधीन टनल टूटने से 41 श्रमिक भीतर फंस गए थे। देश और दुनिया की आधुनिक तकनीकों से लेकर छीनी व हथौड़े से मैनुअल ड्रिलिंग करने के बाद 17वें दिन उन श्रमिकों को बाहर निकालने में कामयाबी हासिल हुई। रात करीब करीब आठ बजे सुरंग में फंसे मजदूरों को एक-एक कर बाहर निकालना शुरू कर दिया था। करीब 45 मिनट में रेस्क्यू को अंजाम तक पहुंचा दिया गया था। इस सफल रेस्क्यू के साथ एक बड़ा कीर्तिमान में स्थापित हो गया है।

जानें सबसे चर्चित रेस्क्यू के बारे में


थाईलैंड गुफा हादसा : 23 जून 2018 को वाइल्ड बोअर्स फुटबॉल टीम के 12 खिलाड़ी व कोच थाईलैंड की थाम लुआंग नांग नॉन गुफा परिसर की तलाश कर रहे थे। उसी दौरान भारी बारिश से सुरंगों में पानी भर गया था। दो सप्ताह के रेस्क्यू के बाद फंसे हुए लोगों को केटामाइन दवा से बेहोश करके एक-एक कर गुफा से बाहर निकला गया था। ये घटना भी काफी चर्चाओं में रही।


बंगाल खदान रेस्क्यू : 13 नवंबर 1989 को पश्चिम बंगाल के रानीगंज की कोयला खदान में 220 मजदूर काम कर रहे थे। उसी दौरान अचानक बाढ़ आ गई थी। दो लिफ्ट से मजदूरों को बाहर निकाला जाने लगा। इस बीच लिफ्ट के शॉफ्ट में पानी भर गया और 71 मजदूर फंस गए थे। टीन की चादर का कैप्सूल बनाकर तीन दिन बाद 65 मजदूरों को सकुशल निकाल लिया गया। दुर्भाग्यवश छह श्रमिक डूबकर मर गए थे।

बोरवेल रेस्क्यू हरियाणा :हरियाणा में कुरुक्षेत्र के हल्ढेरी गांव में 60 फीट गहरे बोरवेल में पांच साल का मासूम प्रिंस गिर गया था। इसके बाद तीन फीट व्यास वाले पाइप का इस्तेमाल कर करीब 50 घंटे की कड़ी मशक्कत के वह सुरक्षित बाहर निकाला गया था। ये मामला भी पूरे देश में खूब सुर्खियों में रहा था।

चिली खदान रेस्क्यू : 05 अगस्त 2010 को चिली में खदान ढहने से 33 श्रमिक दब गए थे। बचाव टीम को 22 अगस्त को सफलता मिली थी। 69 दिन बाद 33 खनन श्रमिकों को चिली के राष्ट्रीय ध्वज के रंग में रंगे कैप्सूल के जरिए एक-एक कर बाहर निकाला गया था।

ऑस्ट्रेलिया खदान रेस्क्यू : 25 अप्रैल 2006 को भूकंप के कारण दो ऑस्ट्रेलियाई मजदूर सोने की खदान में जमीन के नीचे करीब एक किमी भीतर फंस गए थे। पांच दिन बाद थर्मल कैमरों का इस्तेमाल किया तो दोनों के जीवित होने का पता चला था। रेस्क्यू टीमों ने 14 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला था।

चीन खदान रेस्क्यू : वर्ष 2010 में चीन के शांक्सी प्रांत की कोयला खदान से 115 मजदूरों को सात दिन बाद बाहर निकाला गया था। खदान में 153 श्रमिक फंसे हुए थे, जिनमें से 23 की मौत हो गई थी। लेकिन 15 श्रमिकों का आज तक पता नहीं चल पाया है।