
उत्तराखंड में आज से अगले तीन दिन तक मौसम खराब रहेगा
IMD Alert : मौसम भयानक रूप दिखा रहा है। कल भी प्रदेशभर में झमाझम बारिश हुई थी। गढ़वाल मंडल के पहाड़ी क्षेत्रों में रविवार को बर्फबारी और मैदानों में बारिश से तापमान सामान्य से पांच डिग्री तक गिर गया है। इधर, कुमाऊं मंडल के बागेश्वर, नैनीताल और चम्पावत जिलों में रविवार को बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित रहा। बागेश्वर में शनिवार रात से जारी बारिश के बाद कपकोट क्षेत्र में भारी ओले गिरे, जिससे गेहूं, सरसों, जौ और मसूर सहित कई सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। चम्पावत के लधियाघाटी और भिंगराड़ा में भी ओलों ने फसलों तथा बागवानी को तबाह कर दिया है। नैनीताल जिले के गरमपानी और कफुल्टा क्षेत्र में बारिश-ओलावृष्टि से सब्जी उत्पादन प्रभावित हुआ है। किसानों ने पहले सूखे के बाद अब ओलावृष्टि को कृषि पर दोहरी मार बताया। मौसम विभाग के निदेशक डॉ.सीएस तोमर के मुताबिक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण आज से अगले तीन दिन पूरे प्रदेश में बारिश के आसार हैं। आज राज्य के पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं गर्जना के साथ आकाशीय बिजली कड़कने का भी खतरा रहेगा। साथ ही 50 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार तक के तेज अंधड़ भी आज चल सकते हैं। वहीं, 3300 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। राज्य के बाकी जिलों में भी कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। आज विभिन्न जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम उत्तराखंड में उग्र बना हुआ है। कल भी राज्य के विभिन्न इलाकों में दोपहर से देर शाम तक बारिश का दौर चला था। साथ ही ओलावृष्टि भी हुई थी। आज भी पूरे राज्य में बारिश के आसार हैं। आईएमडी ने सात और आठ अप्रैल के लिए देहरादून, टिहरी तथा उत्तरकाशी जिलों में कहीं-कहीं गर्जना के साथ आकाशीय बिजली कड़कने, 60 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार वाले अंधड़ चलने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के शेष जिलों में कल-परसों आकाशीय बिजली कड़कने और 50 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार तक की आंधी चलने का यलो अलर्ट जारी हुआ है। आईएमडी के मुताबिक आज से अगले सात दिन तक राज्य के विभिन्न जिलों में बारिश का दौर चलता रहेगा।
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पिछले कई दिनों से उत्तराखंड में मौसम खराब बना हुआ है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी से चारधाम यात्रा की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। राज्य में आमतौर पर अप्रैल में बर्फ पिघलने लगती है और चारधाम यात्रा के क्रम में विभिन्न विभाग अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देते हैं। इस बार हालात अलग हैं। गढ़वाल मंडल के ऊपरी इलाकों में बर्फबारी और ठंड ने यात्रा की तैयारियों की रफ्तार को धीमा कर दिया है। ऐसे में अप्रैल ‘तैयारियों का महीना’ कम और ‘चुनौतियों का महीना’ ज्यादा साबित हो रहा है। यात्रा की तैयारियों में जुटी सरकारी मशीनरी को केदारनाथ मंदिर परिसर और रास्तों से बर्फ हटाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यमुनोत्री में भी निर्माण कार्यों पर असर पड़ रहा है। बदरीनाथ-गंगोत्री में व्यवसायी भी यात्रा की तैयारियां पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
Updated on:
06 Apr 2026 11:33 am
Published on:
06 Apr 2026 11:32 am
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